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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: 2015 में रिटायर हुआ, अब तक नहीं मिली पेंशन... जनता दरबार में CM नीतीश ने सुनीं समस्याएं, तेजस्वी भी रहे मौजूद

    By Dina Nath Sahani Edited By: Mukul Kumar
    Updated: Tue, 09 Jan 2024 03:18 PM (IST)

    CM Nitish Kumar Janta Darbar जनता के दरबार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए 55 लोगों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों को निर्द ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार में 55 लोगों की सुनीं समस्याएं
    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनता दरबार में 55 लोगों की सुनीं समस्याएं

    HighLights

    1. जनशिकायतों का शीघ्र समाधान करें अधिकारी
    2. कुछ लोगों ने पेंशन तो कुछ ने बहाली से संबंधित समस्याओं पर दिया जोर

    राज्य ब्यूरो, पटना। नये साल में पहली बार सोमवार को आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के विभिन्न जिलों से आए 55 लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को समुचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनशिकायतों पर समुचित कार्रवाई करते हुए शीघ्र उसका समाधान करें।

    साढ़े आठ साल पुराना सेवांत व पेंशन भुगतान का मामला आया

    बांका जिले के छबिला यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के एसएम कॉलेज में इलेक्ट्रिशियन के पद से जून, 2015 में सेवानिवृत हुआ, लेकिन अब तक मुझे सेवांत लाभ एवं पेंशन का भुगतान नहीं हुआ। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    वहीं, मुजफ्फपुर से आईं ममता कुमारी ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि आंगनबाड़ी सेविका की बहाली में अनियमितता बरती गई है जिसके कारण मेरा नियोजन नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने को कहा।

    फरियादी को कृत्रिम पैर लगवाने का निर्देश

    सहरसा की मोनिका कुमारी ने मुख्यमंत्री से फरियाद करते हुए कहा कि ट्रेन दुर्घटना में मेरा दोनों पैर कट गया था। काफी खर्च के बाद मैं ठीक हो पायी हूं, लेकिन कृत्रिम पैर लगवाने हेतु मेरे पास पैसा नहीं है। आपसे निवेदन है कि मुझे कृत्रिम पैर लगवाने में मदद दी जाए।

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    इस पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कृत्रिम पैर लगवाने हेतु समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। औरंगाबाद के नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मैं दिव्यांग हूं। मुझे बैट्री चालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध करायी जाए। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    बालिका प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं होने का विषय भी आया

    बक्सर जिले के डुमरांव से आयी पूजा कुमारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि मुझे अब तक बालिका प्रोत्साहन योजना की राशि नहीं मिली है। वहीं, भोजपुर की गुड़िया कुमारी ने भी बालिका प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    समस्तीपुर की चंद्रमा कुमारी ने मुख्यमंत्री से कहा कि जमुई में अवस्थित सिमुलतला आवासीय विद्यालय में शिक्षकों की कमी है, जिससे पठन-पाठन ठीक ढंग से नहीं हो पा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    पटना के सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मेरी मां राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, बांकीपुर में परिचारी के पद पर कार्यरत थीं। सेवाकाल में उनकी मृत्यु हो गई, लेकिन अब तक अनुकंपा के आधार पर मिलने वाली नौकरी मुझे नहीं मिल पायी है।

    चीनी मिल मजदूरों को प्रताड़ित करने की आई शिकायत

    गोपालगंज के मनोज कुमार तिवारी ने मुख्यमंत्री से मगध चीनी मिल प्रबंधक द्वारा मजदूरों को प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की। इसी जिले के राहुल कुमार रंजन ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि थावे के लक्ष्वार मंदिर में सार्वजनिक शौचालय और शुद्ध पेयजल आदि सुविधाएं नहीं है। इन दोनों ही मामले में मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

    ये मंत्री और अधिकारी थे मौजूद

    उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेंद्र कुमार राय, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, आपदा प्रबंधन मंत्री शाहनवाज, आदि के अलावा संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव एवं सचिव।

    इन विभागों के मामले पर हुई सुनवाई

    सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग। 

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