राजस्व एवं भूमि सुधार से अचानक हटाए गए सीके अनिल; कुछ महीनों में ही ट्रांसफर की क्या है कहानी?
बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटाकर योजना पर्षद में भेज दिया है। यह फैसला राजस्व अधिकारियों और कर्मचारि ...और पढ़ें

सीके अनिल (दायें) और जय सिंंह। फाइल
HighLights
प्रधान सचिव सीके अनिल राजस्व विभाग से हटाए गए।
राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों की हड़ताल के बीच फैसला।
जय सिंह को प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार मिला।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए प्रधान सचिव सीके अनिल को पद से हटा दिया है। उन्हें बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी के तौर पर भेजा गया है।
कड़क छवि के आईएएस अधिकारी के रूप में उनकी पहचान रही है। वहीं, विभाग के सचिव जय सिंह को प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
हड़ताल के बीच बड़ा फैसला
इस तबादले को राजस्व सेवा संवर्ग के अधिकारियों की जारी हड़ताल से जोड़कर देखा जा रहा है।
- अंचल और राजस्व अधिकारी 9 मार्च से हड़ताल पर हैं
- राजस्व कर्मचारियों की अलग से हड़ताल भी जारी है
इन आंदोलनों के चलते विभाग का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है और जमीन सुधार से जुड़े कई अभियान ठप पड़ गए हैं।
जनगणना पर भी असर की आशंका
राज्य में जनगणना के लिए नोडल विभाग की जिम्मेदारी इसी विभाग के पास है। ऐसे में हड़ताल के कारण जनगणना की तैयारियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बातचीत बेअसर, बदल गया नेतृत्व
कड़क और सख्त अधिकारी की छवि वाले सीके अनिल ने हड़ताल खत्म कराने के लिए राजस्व सेवा संघ और कर्मचारी संगठनों से कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
इसी पृष्ठभूमि में उनके तबादले को एक प्रशासनिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
हाल ही में मिली थी जिम्मेदारी
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में ही सीके अनिल को योजना पर्षद से लाकर इस विभाग की कमान सौंपी गई थी। अब कुछ ही महीनों में उन्हें फिर से वापस भेज दिया गया है।