यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
CM नीतीश ने कहा, ना हम किसी को फंसाते हैं, ना किसी को बचाते हैं
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि ना हम किसी को फंसाते हैं ना ही हम किसी को बचाते हैं। मुख्यमंत्री आज लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पटना में पत्रकारों ...और पढ़ें

पटना [जेएनएन]। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि हम अपना काम करना जानते हैं, कौन क्या कहता है? कौन क्या करता है? इसमें विश्वास नहीं करते, ना हम किसी को फंसाते हैं, ना हम किसी को बचाते हैं। बिहार में कानून का राज है और हमेशा रहेगा। अगर कोई इसकी अवहेलना करता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कोई हो?
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नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर देकर कहा कि जो गलती करेगा वो बच नहीं सकता, चाहे कोई हो? मुख्यमंत्री आज पटना में लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएससी मामला हो या इंटर टॉपर्स घोटाला हो, कानून अपना काम करता रहा है और अपराधी सलाखों के पीछे जाते रहे हैं।
इस मामले में भी पुलिस की जांच चल रही है। मामले का खुलासा हो रहा है, कई तरह की बातें निकलकर सामने आ रही हैं। पुलिस की जांच में लोगों को सहयोग करना चाहिए।
ली चुटकी, कहा- सुर्खियों में ना रहने का लोगों को होता है दुख
नीतीश कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि कुछ लोग बयानबाजी इसलिए करते हैं कि अखबारों और चैनलों की सुर्खियों में बने रहें।वो लोग जबतक सुबह में उठकर अपनी तस्वीर और बयान नहीं देखते तो उन्हें दुख होता है। एेसे लोगों के लिए ये मायने नहीं रखता कि क्या कह रहे हैं?
मेरी बातों के अलग-अलग मतलब निकालते हैं लोग
नीतीश कुमार ने पत्रकारों पर छींटाकशी करते हुए कहा कि मेरी बातों को अलग तरह से लिया जाता है। नोटबंदी का मुद्दा हो या कोई और, आपलोग उसे तरह-तरह के तरीके से छापते और दिखाते हैं। उससे मुझपर असर नहीं पड़ता, मैं जो कहता हूं एक बार ही कहता हं और अपनी बातों पर कायम रहता हूं। सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश होनी चाहिए।
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कहा-अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए
नीतीश कुमार ने कहा कि जिसको जो मन करता है बयान देता है, जनप्रतिनिधियों को भाषा में मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। लोग कुछ भी बोल देते हैं। आरोप-प्रत्यारोप में भी भाषा मर्यादित रहनी चाहिए।
कल कहा था-गुस्सा झेलना मेरी नियति बन गई है
सीएमनीतीश कुमार ने कहा कि गुस्सा झेलना मेरी नियति बन गई है। मैं इसका आदी हो गया हूं। मुझ पर सब गुस्साते हैं। सामने वाले, अगल-बगल वाले। पर मैं विचलित नहीं होता। वे रविवार को यहां प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विवि के समारोह को संबोधित कर रहे थे। बोले-सबको मालूम है कि कफन में जेब नहीं होती, फिर भी लोग किसलिए इतना पैसा बनाते हैं?