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    खादी मॉल पहुंचे CM सम्राट, पसंद आए कपड़े तो खुद की खरीदारी; UPI से पेमेंट और बुनकरों को करोड़ों की मदद

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:43 PM (IST)

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर पटना के खादी मॉल का दौरा किया, अपनी पसंद के कपड़े खुद चुने और यूपीआई से भुगतान किया। ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुनकरों के काम को सराहा

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुनकरों के काम को सराहा

    HighLights

    1. मुख्यमंत्री ने खादी मॉल में की खुद खरीदारी, यूपीआई से भुगतान।

    2. बुनकरों को 1.36 करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी सहायता स्वीकृत।

    3. 29 हजार विद्युतकरघा बुनकरों को 2.62 करोड़ बिजली अनुदान।

    राज्य ब्यूरो, पटना। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर पटना के खादी मॉल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का अलग अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने मॉल का भ्रमण कर वहां प्रदर्शित हस्तकरघा और खादी उत्पादों को देखा।

    इस दौरान उन्होंने अपनी पसंद के कपड़े खुद चुने और UPI के माध्यम से भुगतान भी किया। मुख्यमंत्री के इस अंदाज ने हथकरघा उत्पादों के प्रति सरकार के प्रोत्साहन का संदेश दिया।

    खादी मॉल में उत्पादों को देखा, बुनकरों के काम को सराहा

    12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, उद्योग विभाग की ओर से राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।

    मुख्यमंत्री के साथ बिहार राज्य खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम डॉ. विद्यानंद सिंह और पटना के जिलाधिकारी कुन्दन कुमार भी मौजूद रहे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी और हस्तकरघा केवल वस्त्र नहीं, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूत आधार हैं।

    इनके संवर्धन से बुनकरों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।

    बुनकरों के लिए 1.36 करोड़ रुपये की सहायता स्वीकृत

    हथकरघा दिवस के अवसर पर सरकार ने बुनकरों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया।

    यूआईडी उत्कीर्ण हस्तकरघा/लूम धारक बुनकरों को कार्यशील पूंजी के रूप में 15 हजार रुपये प्रति बुनकर की दर से सहायता देने के लिए 1,00,65,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई।

    इस सहायता का उद्देश्य बुनकरों को अपनी उत्पादन गतिविधियां जारी रखने के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। विभाग के अनुसार यह सहायता बुनकरों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा है।

    29 हजार विद्युतकरघा बुनकरों को बिजली अनुदान

    विद्युतकरघा बुनकरों के लिए भी सरकार ने बिजली अनुदान की राशि स्वीकृत की है। वस्त्र उत्पादन में हुई बिजली खपत पर तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से अनुदान देने की योजना के तहत 262.35 लाख रुपये की राशि दी गई है।

    इससे राज्य के करीब 29 हजार विद्युतकरघा बुनकर लाभान्वित होंगे। ये बुनकर मुख्य रूप से गया, भागलपुर, बांका, नालंदा, पटना और पश्चिम चंपारण जिलों में कार्यरत हैं।

    खादी और हथकरघा को मिलेगी नई पहचान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पारंपरिक कला और शिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हथकरघा क्षेत्र के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

    राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राज्य के विभिन्न जिलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। पटना स्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में बुनकरों, कारीगरों और हस्तकरघा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।