Updated: Sat, 06 Apr 2024 10:34 PM (IST)
हैलो मैं दिल्ली पुलिस से सब इंस्पेक्टर बात कर रहा...। आपका बेटा सामूहिक दुष्कर्म केस में पकड़ाया है। इस तरह का वॉट्सऐप कॉल कर साइबर जालसाज लोगों को अप ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, पटना। हैलो, मैं दिल्ली पुलिस से सब इंस्पेक्टर बोल रहा हूं। आपका पुत्र सामूहिक दुष्कर्म मामले में पकड़ा गया है। वह मेरी गिरफ्त में है। इस तरह का वॉट्सऐप कॉल कर साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसा रहे और उन्हें छोड़ने के नाम पर ठगी कर रहे।
साइबर ठगों ने इस बार फोन कर दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार बेटे को छोड़ने का झांसा देकर पटना पुलिस के एक जवान से 45 हजार रुपये ठग लिए। सिपाही डाग स्क्वायड में तैनात है। उक्त मामले में साइबर थाने की पुलिस केस दर्ज कर जांच में जुटी है।
सिपाही का पुत्र दिल्ली में पढ़ाई करता है। कुछ दिन पहले सिपाही के मोबाइल नंबर पर अंजान नंबर से वॉट्सएप कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस में सब इंस्पेक्टर बताया। बोला कि आपका बेटा दिल्ली में पढ़ाई करता है। हां, बोलने पर उसने कहा कि आपका बेटा सामूहिक दुष्कर्म में संलिप्त है और वह मेरे गिरफ्त में है।
साइबर जालसाज ने कहा कि पीड़िता गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती है। आप पुलिस में है, इस लिए आपका मदद करना चाहता हूं। तब वह बोले कि मेरे बेटे से बात कराइये। फोन पर पीछे से रोने की आवाज आ रही थी। इस बीच वह पहले से सहमे थे और रोने की आवाज सुनकर और डर गए।
ठगों ने कहा कि दस से 15 मिनट में 60 हजार रुपये भेज दीजिए, नहीं तो सीनियर अधिकारी को भनक लग गई तो कोई मदद नहीं कर पायेगा।
सिपाही को कुछ समझ नहीं आया और उसने ठगों के खाते में 45 हजार रुपये भेज दिया। बाद में जब बेटे से बात हुई तो पता चला कि ऐसा कोई मामला ही नहीं था। तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।