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    खुद को डायरेक्टर बताकर ₹21 लाख की ठगी, पटना के सब्जीबाग में मिला ठगों का ' फर्जी अकाउंट'

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 08:03 AM (IST)

    साइबर अपराधियों ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर फर्जी व्हाट्सएप के जरिए लोगों से 21.21 लाख रुपये की ठगी की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम पटना के ...और पढ़ें

    21 लाख की ठगी ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

    21 लाख की ठगी ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

    HighLights

    1. खुद को डायरेक्टर बताकर 21 लाख की साइबर ठगी।

    2. पटना के सब्जीबाग में मिला ठगों का 'म्यूल अकाउंट'।

    3. फर्जी दस्तावेजों से खुला था संदिग्ध बैंक खाता।

    जागरण संवाददाता, पटना। साइबर अपराधियों के जालसाज ने खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर लोगों को अपने झांसे में लिया और फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट के जरिए संपर्क कर कई लोगों से 21.21 लाख की मोटी रकम ठग ली। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। 

    मामले की जांच के दौरान पुलिस और बैंक प्रशासन के होश उड़ गए, जब इस ठगी के तार पटना के सब्जीबाग स्थित एक बैंक खाते से जुड़े मिले। ठगी की गई 21.21 लाख की यह राशि पटना के सब्जीबाग इलाके की एक बैंक शाखा में मौजूद एक संदिग्ध खाते में ट्रांसफर की गई थी। इस संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित बैंक प्रबंधन को दी गई। 

    बैंक प्रशासन ने जब इस खाते की गहराई से पड़ताल की, तो मालूम पड़ा कि यह एक म्यूल अकाउंट था, जिसे मोहम्मद नासिर नाम के व्यक्ति के दस्तावेज पर खोला गया था।

    जमीनी सत्यापन में गायब मिला खाताधारक

    बैंक प्रबंधन ने खाते के वर्तमान प्रोफाइल का भौतिक सत्यापन के लिए खाते में दर्ज पते शाह की इमली, कब्रिस्तान के पास पर पहुंचे, तो पता चला कि उस नाम का कोई भी व्यक्ति वहां रहता ही नहीं है। इतना ही नहीं, खाते को खोलते समय जो मोबाइल नंबर बैंक को दिया गया था, वह भी पूरी तरह फर्जी और गलत निकला।

    जालसाजों ने बेहद चालाकी से फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल कर न केवल बैंक खाता खुलवा लिया था, बल्कि उसका एटीएम कार्ड भी हासिल कर लिया था। इसी एटीएम और खाते के जरिए साइबर ठगी के पैसों का लगातार ट्रांजेक्शन किया जा रहा था।

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    छह महीने में हुआ 42 लाख से अधिक का लेन-देन

    बैंक अधिकारियों ने जब इस संदिग्ध खाते के पिछले छह महीनों के लेन-देन को खंगाला, तो पता चला कि खाते के जरिए करीब 42.48 लाख का संदिग्ध लेन-देन किया जा चुका था। इस बड़े फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने साइबर थाने में लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज करा दिया है। 

    अब साइबर पुलिस बैंक खाते को खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए विवरण, पैन नंबर और मोबाइल नंबर से असली आरोपितों की पहचान करने में जुट गई है।

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