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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Earthquake: भूकंप से डोली ब‍िहार की धरती, राज्य के सभी जिलों में महसूस किए गए झटके; घरों से बाहर निकले लोग

    Updated: Fri, 28 Feb 2025 04:38 AM (IST)

    शुक्रवार तड़के 236 बजे राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके (Bihar Earthquake) महसूस किए गए। नेशनल सेंटर आफ सिस्मोलाजी की वेबस ...और पढ़ें

    बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए (सांकेतिक तस्वीर)
    बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए (सांकेतिक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, पटना। शुक्रवार तड़के 2:36 बजे राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके (Bihar Earthquake) महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलाजी की वेबसाइट के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल के लिस्टीकोट नामक स्थान से दो किमी दूर था।

    अधिकांश लोगों के सोए होने के कारण अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, परंतु झटके के कारण जो नींद से जागे वे वाट्सएप व फेसबुक पर एक दूसरे से भूकंप की पुष्टि करने लगे। वहीं कुछ लोग घर से बाहर भी निकल गए।

    एक महिला ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि रात करीब 2 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आया। हमलोग गहरी नींद में सोए थे कि अचानक बेड धंसने लगा फिर हमलोग जल्दबाजी में उठे और घर से बाहर निकल गए।

    रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई

    रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई। इसका प्रभाव नेपाल व भारत के सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ा। कहीं से जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

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    इससे पहले 17 फरवरी को दिल्ली के ढाई घंटे बाद बिहार के सिवान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब रिक्टर स्केल पर तीव्रता चार मापी गई थी और भूकंप का केंद्र सिवान में धरती से 10 किमी नीचे था।

    भूकंप की तीव्रता का प्रभाव

    • 0 से 1.9 सिर्फ सिस्मोग्राफ से ही पता चलता है।
    • 2 से 2.9 हल्का कंपन महसूस होता है।
    • 3 से 3.9 कोई ट्रक के नजदीक से गुजरने का एहसास।
    • 4 से 4.9 खिड़कियां टूटने की संभावना, फ्रेम गिर सकती है।
    • 5 से 5.9 फर्नीचर जैसा भारी सामान तक हिल सकता है।
    • 6 से 6.9 भवनों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है
    • 7 से 7.9 इमारतें गिर सकती है, जमीन के अंदर पाइप फट सकता है।
    • 8 से 8.9 इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
    • 9 व उससे अधिक पूरी तबाही। समुद्र नजदीक हो तो सुनामी का खतरा।

    7 जनवरी को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे

    इसके पहले 7 जनवरी को बिहार के 9 जिले में एक ही दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर पहली बार इसकी तीव्रता 7.1 आंकी गई थी। दूसरी बार 3.5 रही और तीसरी बार 3.1 आंकी गई थी।

    भूकंप क्यों आता है?

    बता दें कि पृथ्वी की 4 मुख्य प्लेट हैं, जिन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स तेजी से घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है।

    जब ये प्लेट्स अपनी जगह से अचानक खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसती जितनी रफ्तार रहती है उतने तेजी से भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।

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