बिहार में भीषण गर्मी के बीच बिजली खपत ने तोड़ा रिकॉर्ड, एक दिन में ही 8818 मेगावाट बढ़ा लोड; पटना सबसे आगे
गर्मी बढ़ने के साथ पटना में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है, जो बिहार की कुल खपत का लगभग 10% है। पेसू को निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने में चुनौ ...और पढ़ें

बिजली खपत ने तोड़ा रिकॉर्ड। फाइल फोटो
HighLights
पटना में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
कुल बिहार खपत का 10% अकेले पटना में।
पेसू के लिए निर्बाध आपूर्ति बड़ी चुनौती।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बिजली की खपत बुधवार को 8818 मेगावाट पर पहुंच गई जो अब तक का सर्वाधिक है। सोमवार को मांग 8200 मेगावाट पर पहुंच गई और मंगलवार को भी यह 8000 मेगावाट के पार हो गई थी । पिछले वर्ष 12 जुलाई को 8560 मेगावाट खपत दर्ज की गई थी।
बिजली कंपनी को उम्मीद थी कि इस वर्ष भी जुलाई में नया रिकॉर्ड बन सकता है, पर इसी महीने खपत का पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। बिजली कंपनी का आकलन है कि वर्ष 2026-27 की गर्मी में पीक डिमांड 9500 से 9600 मेगावाट तक जा सकती है। जुलाई से सितंबर के बीच पीक डिमांड आ सकती है।
बिजली की उपलब्धता 10440 मेगावाट तक पहुंची
वर्तमान में बिहार में बिजली की उपलब्धता 10440 मेगावाट तक पहुंच गई है। इसमें अधिकतर बिजली बिहार के एनटीपीसी की उत्पादन इकाइयों से उपलब्ध हो रही। इधर कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी के कारण बिजली की मांग में जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई है।
एसी, फ्रीज और कूलर का इस्तेमाल बढ़ना इसका एक बड़ा कारण है। सुविधाओं का यह विस्तार अब छोटे शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में हो गया है। इससे उपभोक्ताओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। बताते चलें कि प्रदेश में बीते 20 वर्षों के दौरान प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत में करीब पांच गुणा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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2005 में ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 75 किलोवाट थी, जो 2025 में बढ़कर 363 किलोवाट हो गई है। 2012 में प्रति व्यक्ति ऊर्जा की खपत 134 किलोवाट और 2014 में यह बढ़कर 160 किलोवाट दर्ज की गई थी।
उपभोक्ताओं की संख्या में भी साढ़े 12 गुणा की बढ़ोतरी
इसी तरह उपभोक्ताओं की संख्या में भी करीब साढ़े 12 गुणा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2005 में राज्यभर में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या 17 लाख थी, जो 2025 में बढ़कर 2 करोड़ 14 लाख हो गई। 2012 में 38 लाख और 2014 में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 43 लाख हो गई।
बिजली खपत का करीब 10 प्रतिशत लोड अकेले पेसू क्षेत्र में
गर्मी बढ़ने के साथ बिहार की राजधानी पटना में बिजली की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है। राजधानी में पटना इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई यूनिट (पेसू) बिजली की सप्लाई करती है। गर्मी के कारण पिछले कुछ दिनों में बिजली लोड में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालात यह हैं कि बिहार की कुल बिजली खपत का करीब 10 प्रतिशत लोड अकेले पेसू क्षेत्र में दर्ज हो रहा है।
पेसू के आंकड़ों के अनुसार, छह मई को 492 मेगावाट बिजली लोड दर्ज किया गया था, जो सात मई को बढ़कर 505 मेगावाट पहुंच गया। इसके बाद मांग में लगातार तेजी आई और 14 मई को 632.1, 15 मई को 679.9, 16 मई को 755.5, 17 मई को 814.4, 18 मई को 805.7 और 19 मई को 808.6 मेगावाट लोड रिकॉर्ड किया गया।
बिहार की 10 प्रतिशत बिजली मात्र पटना में खपत
राज्य स्तर पर 18 मई को बिहार में कुल 8200 मेगावाट बिजली खपत दर्ज हुई, जिसमें पेसू क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत रही। हालांकि, यह लोड अभी पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में दर्ज अधिकतम 883 मेगावाट से कम है, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए आने वाले दिनों में नया रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है।
पेसू अधिकारियों के अनुसार, सबसे अधिक बिजली लोड रात आठ बजे से मध्यरात्रि 12 बजे के बीच दर्ज हो रहा है। इस दौरान घरों में एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक इस्तेमाल से मांग तेजी से बढ़ रही है। बढ़ती खपत को देखते हुए पेसू ने आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सके।
अभी और बढ़ेगी खपत
अप्रैल महीने के आंकड़े भी बताते हैं कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली लोड में लगातार इजाफा हुआ। एक अप्रैल को 504.3 मेगावाट से शुरू होकर 24 अप्रैल को यह 812.2 मेगावाट तक पहुंच गया। इससे साफ है कि राजधानी में तापमान बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी लगातार ऊपर जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में राहत नहीं मिलने पर बिजली की मांग और बढ़ सकती है। ऐसे में पेसू के लिए निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।
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