यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mule Account से साइबर अपराधियों तक पहुंचने की तैयारी में EOU, एक हजार खातों की जांच शुरू
बिहार में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़े हैं। अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों के लेन-देने के लिए म्यूल अकाउंट का उपयोग किया जाता है जिसकी वजह से पुल ...और पढ़ें

HighLights
- साइबर अपराध में उपयोग किए गए एक हजार बैंक खातों की जांच शुरू
- आर्थिक अपराध इकाई ने 14,736 मोबाइल नंबरों को भी कराया बंद
राज्य ब्यूरो, पटना। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए उनके नेटवर्क को खंगाल रही है। इस दौरान साइबर अपराधियों के द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को चिह्नित कर बंद कराया जा रहा है। जिन-जिन बैंक खातों में साइबर ठगी के पैसे ट्रांसफर किए गए है, उन खातों की समुचित जांच शुरू हो गई है।
म्यूल एकाउंट
साइबर अपराध में शामिल संदिग्ध बैंक खातों को म्यूल एकाउंट (Mule Account) कहते हैं। साइबर अपराधी ठगी के पैसों के लेन-देने के लिए कभी भी अपने खाते का इस्तेमाल नहीं करते हैं।
अगर वे ऐसा करेंगे तो आसानी से पकड़ में आ जाएंगे। इसके लिए वे किसी तीसरे व्यक्ति के खाते का उपयोग करते हैं। ये ज्यादातर वो लोग होते हैं, जिन्हें जानकारी भी नहीं होती कि उनके खाते से ठगी का काम हो रहा है।

राज्य में फिलहाल ऐसे एक हजार से अधिक म्यूल बैंक खाते चिन्हित किए गए हैं। ईओयू सूत्रों के अनुसार, इन बैंक खातों में कब-कब साइबर ठगी के पैसे कहां-कहां से आए हैं और फिर इन्हें किन-किन बैंक खातों में कहां-कहां भेजा गया, इसकी जांच की जा रही है।
भारतीय रिजर्व बैंक को भेजी जाएगी जानकारी
जिन इलाकों की बैंक शाखाओं से सबसे अधिक संख्या में ऐसे म्यूल बैंक खाते खोलकर पैसों का ट्रांसफर किया गया है, उनकी भी पहचान की जा रही है। ऐसी बैंक शाखाओं एवं ऐसे खातों की जानकारी एकत्र करके भारतीय रिजर्व बैंक को भेजी जाएगी।
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जांच द्वारा इन पैसों से अंतिम रूप से लाभ लेने वालों का पता लगाया जाएगा, ताकि सही आरोपियों को दबोचा जा सके।
नवंबर तक दर्ज हुईं 700 करोड़ की धोखाधड़ी की शिकायतें
इसके अलावा साइबर अपराधियों के द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे 14 हजार 736 मोबाइल नंबरों को भी बंद कराया गया है।
ईओयू के अनुसार, इस साल नवंबर तक नेशनल साइबर क्राइम रिकार्ड पोर्टल (एनसीआरपी) पर करीब 700 करोड़ की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिसके विरुद्ध 100 करोड़ की राशि को होल्ड कराया गया है।
UPI आइडी बनाकर ठगा
- गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के मनबोध परसौनी गांव के एक महिला के बैंक खाते की यूपीआइ आइडी बनाकर साइबर अपराधियों ने खाते में रखे गए 6 लाख 64 हजार 804 रुपये उड़ा लिए। ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित महिला ने गोपालगंज साइबर थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी कराई।
- जानकारी के अनुसार, मनबोध परसौनी गांव के सहाबुन नेशा थावे स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया की शाखा से पैसा निकालने के लिए बीते 26 नवंबर को गई थी। इस दौरान उनके मोबाइल पर एक ओटीपी आया, लेकिन उसे देखे बिना ही वह घर चली गई।
- इस दौरान उनका सिम बंद हो गया। सिम बंद होने के बाद उसे दूसरे किसी ने अपने नाम पर चालू करा लिया। साथ ही उनके बैंक खाते की यूपीआइ आइडी बनाकर खाते में रखे गए 6 लाख 64 हजार 804 रुपये करीब दस बार में अवैध तरीके से निकासी कर ली गई।
- बैंक खाते से पैसा निकासी होने के बाद साइबर अपराधियों के खिलाफ महिला ने प्राथमिकी कराई है। प्राथमिकी कर साइबर थाना की पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करने में जुट गई है।
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