'धूम पिचक' से 'माएरी' तक...; फ्री देखें यूफोरिया का लाइव शो, 5 जुलाई को पटना में सजेगी महफिल
यूफोरिया बैंड और डॉ. पलाश सेन 5 जुलाई को पटना के बापू सभागार में लाइव परफॉर्म करेंगे। यह मुफ्त कॉन्सर्ट 90 के दशक के हिट गानों के साथ संगीत प्रेमियों ...और पढ़ें

डॉ. पलाश सेन 5 जुलाई की शाम सजाएंगे सुरों की महफिल। फाइल
HighLights
5 जुलाई को पटना में यूफोरिया और पलाश सेन का लाइव शो।
डॉ. पलाश सेन 90 के दशक के सदाबहार गीत गाएंगे।
बापू सभागार में मुफ्त संगीत कार्यक्रम, यादगार शाम का अनुभव।
जागरण संवाददाता, पटना। अगर आप 90 के दशक के संगीत के दीवाने हैं, तो पांच जुलाई की शाम अपने कैलेंडर में जरूर दर्ज कर लीजिए।
बापू सभागार में भारतीय इंडी-पाॅप के सबसे लोकप्रिय बैंड यूफोरिया और उसके संस्थापक डाॅ. पलाश सेन अपनी दमदार आवाज और जोशीले अंदाज से संगीत प्रेमियों को यादों के सुनहरे सफर पर ले जाएंगे।
धूम पिचक धूम'', ''माएरी'', ''अब ना जा'', ''महफूज'' और ''आना मेरी गली'' जैसे सदाबहार गीतों की गूंज से सभागार संगीत के रंग में रंग जाएगा।
90 के दौर की याद दिलाएंगे म्यूजिकल डॉक्टर
अपनी जोशीली आवाज, राॅकस्टार अंदाज और ऊर्जा से भरपूर मंचीय प्रस्तुति के लिए मशहूर डाॅ. पलाश सेन दर्शकों को गीत सुनाने के साथ हर धुन के साथ यादों का ऐसा सफर तय कराएंगे।
एक दौर था, जब बालीवुड संगीत का दबदबा था। उसी दौर में यूफोरिया ने अपनी अलग राह बनाई। फिल्मी संगीत से अलग हटकर इस बैंड ने हिंदी पाप-राक को नया मुकाम दिया।
नतीजा यह रहा कि 90 के दशक के युवाओं के दिलों में यूफोरिया की धुनें बस गईं। आज भी उतनी ही लोकप्रिय हैं। यूफोरिया की शुरुआत वर्ष 1998 में दिल्ली में हुई।
उस समय डाॅ. पलाश मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। दोस्तों के साथ शुरू हुआ यह कालेज बैंड देखते ही देखते देश का सबसे चर्चित इंडी-पाप बैंड बन गया।
पहला बड़ा हिट गीत ''धूम पिचक धूम'' आया तो युवाओं के बीच इसकी दीवानगी छा गई। इसके बाद यूफोरिया ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सबसे बड़ी खासियत रही कि उसने पश्चिमी राक संगीत को भारतीय लोकधुनों और हिंदी गीतों के साथ जोड़ा। दोस्ती, प्यार, परिवार, रिश्ते, देशभक्ति और जिंदगी के भाव उनके गीतों की पहचान बने।
इन कलाकारों से सजी है यूफोरिया की टीम
डाॅ. पलाश सेन अपने लोकप्रिय बैंड यूफोरिया के साथ मंच पर धमाकेदार प्रस्तुति देंगे। उनके साथ बैंड के अनुभवी संगीतकार डीजे भादुड़ी बास गिटार पर, राकेश भारद्वाज ताल वाद्य पर, प्रशांत त्रिवेदी परकशन पर, विशाल मेहता ड्रम पर और आदित्य शंकर बेनिया गिटार पर अपनी सुरों और ताल की जुगलबंदी से कान्सर्ट को यादगार बनाएंगे।
यह पूरी टीम वर्षों से देश-विदेश के मंचों पर अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती है। अपनी सदाबहार हिट प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों को 90 के दशक की यादों से रूबरू कराएंगे।
वे दर्शकों के साथ संवाद करेंगे, उन्हें अपनी धुनों पर गुनगुनाने, झूमने और साथ गाने के लिए भी प्रेरित करेंगे। बैंड की दमदार लाइव परफार्मेंस, ऊर्जा से भरपूर संगीत और मंच पर कलाकारों की शानदार केमिस्ट्री इस शाम को संगीत प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव में बदल देगी। इस संगीतमय शाम का हिस्सा बनना न भूलें।