यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Kusum Yojana: सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए अपनी जमीन किराए पर दे सकेंगे किसान, पढ़ें पूरी डिटेल
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस ने कहा कि इस योजना के माध्यम से न केवल किसान सशक्त होंगे बल्कि राज्य को भी ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। किसान अब सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए अपनी जमीन को किराए पर दे सकते हैं। इससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होगी। पीएम कुसुम योजना के तहत यह काम होना है। इसके लिए बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी ने 843 विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े 1235 कृषि व मिश्रित फीडरों के सोलराइजेशन के लिए निविदा जारी कर दी है।
इस संबंध में आधिकारिक तौर पर यह बताया गया कि इस योजना में किसान या कोई फर्म 843 विद्युत केंद्रों के पांच किलोमीटर के दायरे के अंदर कृषि फीडर के लोड के अनुसार सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए अपनी जमीन किराए पर दे सकते हैं।
किसान अगर चाहें तो अपनी जमीन पर ऊंची संरचना तैयार कर उसके ऊपर सोलर प्लांट लगा सकते हैं और उसके नीचे खेती भी कर सकेंगे।
एक मेगावाट सोलर प्लांट के लिए कितनी जमीन?
एक मेगावाट सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए चार एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के सतत विकास पर केंद्रित है। पीएम कुसुम योजना इस उद्देश्य को पूरा करता है।
बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस ने कहा कि इस योजना के माध्यम से न केवल किसान सशक्त होंगे बल्कि राज्य को भी हरित ऊर्जा का फायदा होगा।
इस योजना के अंतर्गत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा प्रति मेगावाट एक करोड़, पांच लाख तथा बिहार सरकार द्वारा प्रति मेगावाट 45 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
बोली लगाने वाले सफल व्यक्ति या किसानों के समूह को 15 महीने के अंदर सोलर पावर प्लांट का निर्माण करना होगा। बिजली कंपनी इस प्लांट से अगले 25 वर्षों तक बिजली क्रय करने के लिए इकरारनामा करेगी।
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