फैटी लिवर बन रही नई लाइफस्टाइल बीमारी; 45 मिनट की आदत से बचाव, डॉक्टर ने बताया आसान तरीका
Hallo Jagran: देश में फैटी लिवर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, हर तीसरे व्यक्ति को यह समस्या है। एम्स पटना के डॉ. रमेश कुमार ने 'हेलो जागरण' में बताया ...और पढ़ें

फैटी लिवर की समय पर पहचान जरूरी। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
देश में हर तीसरे व्यक्ति को फैटी लिवर की समस्या।
अनियमित जीवनशैली, मोटापा और मधुमेह इसके मुख्य कारण।
संतुलित आहार, 45 मिनट व्यायाम से करें बचाव।
जागरण संवाददाता, पटना। Health News: देश में फैटी लिवर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। हालात यह हैं कि हर तीन व्यक्तियों में से एक किसी न किसी स्तर पर फैटी लिवर से पीड़ित है और हर पांचवें मरीज को लिवर सिरोसिस का खतरा बना रहता है।
चिंता की बात यह है कि फैटी लिवर को लिवर की 'साइलेंट' बीमारी माना जाता है, क्योंकि शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते।
समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है और करीब 20 प्रतिशत मामलों में आगे चलकर लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर में बदल सकती है।
रविवार को दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम हेलो जागरण में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि फैटी लिवर में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा हो जाती है। पहले जहां यह समस्या मुख्य रूप से शराब पीने वालों में देखी जाती थी।
अब नॉन-एल्कोहलिक और दवाओं के दुष्प्रभाव से होने वाले फैटी लिवर के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
मधुमेह, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और अनियमित जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं।
बदलती जीवनशैली सबसे बड़ा कारण
डॉ. कुमार ने कहा कि बदलते मौसम, कम होती शारीरिक गतिविधि और असंतुलित खान-पान ने पेट और लिवर की बीमारियों को बढ़ा दिया है। इससे बचाव के लिए
कम कैलोरी वाला संतुलित आहार
रोजाना कम से कम 40–45 मिनट व्यायाम
शराब और तले-मसालेदार भोजन से दूरी
बेहद जरूरी है।
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कब्ज की समस्या कैसे दूर करें?
कब्ज अब लाइफस्टाइल से जुड़ी आम समस्या है। साबुत अनाज, सेब-अमरूद-पपीता जैसे फल, हरी सब्जियां और दाल को भोजन में शामिल करें। तला-भुना कम खाएं और रोज 30–45 मिनट योग-व्यायाम करें।
पहले कोलाइटिस हुआ था, क्या सावधानी रखें?
हल्का और सुपाच्य भोजन लें। खिचड़ी, दलिया, ओट्स, सादा चावल, मूंग दाल, उबली या भाप में पकी सब्जियां फायदेमंद हैं। धीरे-धीरे फाइबर बढ़ाएं और तनाव से बचें।
पेट दर्द, गैस व एसिडिटी बनी रहती है, क्या करें?
लंबे समय तक हल्का पेट दर्द हो तो नजरअंदाज न करें। एक सप्ताह तक खान-पान सुधारें, राहत न मिले तो जांच कराएं। यह फैटी लिवर या तनाव से भी जुड़ा हो सकता है।
बार-बार गैस की समस्या क्यों होती है?
कौन-सा भोजन गैस बढ़ाता है, इसे पहचानें। सिर्फ दवा नहीं, बल्कि नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण भी जरूरी है।
बार-बार पीलिया (जॉन्डिस) हो रहा है, क्या खतरा है?
बार-बार पीलिया होना सामान्य नहीं है। हर बार कारण की जांच जरूरी है। लिवर फंक्शन टेस्ट, बिलीरुबिन जांच और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड कराकर विशेषज्ञ से परामर्श लें। फैटी लिवर में जॉन्डिस का खतरा बढ़ सकता है।
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श्याम नारायण तिवारी, ओम प्रकाश शर्मा, अमित कुमार, रोहित कुमार सहित कई पाठकों ने भी सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि समय पर जांच, सही खान-पान और नियमित व्यायाम ही लिवर को स्वस्थ रखने की सबसे बड़ी कुंजी है।