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    पटना में एक महिला की न्यायिक हिरासत में मौत, परिजनों ने जेल प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 08:45 AM (IST)

    मोकामा के डबल मर्डर मामले में गिरफ्तार एक महिला कैदी, बुद्धो देवी, की पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हृदय रोगी थीं और परिजनों ने बाढ ...और पढ़ें

    बाढ़ उपकारा। फोटो जागरण

    बाढ़ उपकारा। फोटो जागरण

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    संवाद सहयोगी, बाढ़। अनुमंडल के मोकामा थाना क्षेत्र अंतर्गत साहबेगपुर गांव में हाल ही में जमीन विवाद को लेकर हुए डबल मर्डर कांड में जेल में बंद एक महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है।

    मृतका की पहचान बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र स्थित सिहमा गांव निवासी बुद्धो देवी के रूप में हुई है। बुद्धो देवी साहेबपुर गांव में अपनी बेटी शिवानी के ससुराल आई हुई थी।

    गौरतलब है कि इसी दौरान जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो भाइयों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी, जिसमें मां मंजू देवी और बेटे राजीव कुमार की मौत हो गई थी।

    इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बुद्धो देवी भी शामिल थीं, जिन्हें न्यायिक हिरासत में बाढ़ उपकारा (जेल) में रखा गया था।

    अचानक खराब हुई थी तबीयत 

    मृतका बुद्धो देवी के परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बुद्धो देवी पिछले कई सालों से हृदय रोग (हार्ट पेशेंट) से पीड़ित थीं और उनकी नियमित दवाइयां चल रही थीं।

    उनका आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद जेल प्रशासन को महिला की बीमारी और स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनके इलाज में घोर लापरवाही बरती गई।

    परिजनों ने यह भी बताया कि साहेबपुर में हुई उस हिंसक झड़प के दौरान बुद्धो देवी को ईंट भी लगी थी, जिससे वह घायल हो गई थीं।

    जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया।

    पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान ही बुद्धो देवी ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद महिला के शव को वापस बाढ़ जेल लाया गया, ताकि इसी मामले में जेल में बंद उनकी बेटी को अपनी मां के अंतिम दर्शन करवाए जा सकें।

    इस पूरी घटना और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोपों के संदर्भ में जब जेल प्रशासन से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस मामले पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। महिला कैदी की मौत के बाद जेल प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और परिजनों में भारी रोष है।

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