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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Flood in Bihar: पटना में तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में दो मीटर की वृद्धि, मंडराया बाढ़ का खतरा

    Updated: Wed, 10 Jul 2024 10:13 PM (IST)

    Patna News पटना में भी तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में दो मीटर की वृद्धि हुई है। रविवार की सुबह छह बजे दीघा घाट का जलस्तर 45.02 मीटर गांधी घाट का 44. ...और पढ़ें

    पटना में गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि
    पटना में गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि

    HighLights

    1. पटना में भी गंगा घाट पर जल स्तर में हो रही वृद्धि
    2. अभियंताओं के अनुसार गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होगी
    3. हाथीदह, दीघा समेत कई घाटों पर जलस्तर बढ़ गया है।

    जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: तीन दिनों में गंगा के जलस्तर में दो मीटर की वृद्धि हुई है। तेज गति से जल स्तर बढ़ रहा है। रविवार की सुबह छह बजे दीघा घाट का जलस्तर 45.02 मीटर, गांधी घाट का 44.84 मीटर, हाथीदह का 36.80 मीटर तथा मनेर का 45.73 मीटर था।

    बुधवार की सुबह छह बजे दीघा घाट का जलस्तर बढ़कर 47.3 मीटर, गांधी घाट का 46.72 मीटर, हाथीदह का 38.72 मीटर तथा मनेर का 47.94 मीटर दर्ज किया गया है। गांधी घाट पर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे गंगा बह रही है। जल स्तर में वृद्धि की यही रफ्तार रही तो तीन दिनों में खतरे के निशान के बराबर गंगा बहने लगेगी। दीघा घाट पर खतरे के निशान से गंगा तीन मीटर तथा मनेर में चार मीटर नीचे बह रही है। जल संसाधन विभाग के अभियंताओं के अनुसार गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि होगी।

    गंगा घाट खतरा जल स्तर (मीटर में) बुधवार रविवार

    दीघा घाट 50.45 47.3 45.02

    गांधी घाट 48.60 46.72 44.84

    हाथीदह 41.76 38.72 36.80

    मनेर 52.00 47.94 45.73

    राहत शिविर के लिए 128 ऊंचे स्थल चयनित

    बाढ़ आने की स्थिति में 128 ऊंचे स्थानों को राहत शिविर चलाने के लिए चयनित कर लिया गया है। जिला प्रश्सन गंगा सहित सभी नदियों के जलस्तर वृद्धि पर नजर रख रहा है। जिला आपदा पदाधिकारी डीपी शाही ने बताया कि गंगा दियारा सहित बाढ़ आने की संभावना वाले प्रखंडों में कमेटी बनाई गई है।

    बीडीओ, सीओ, सीडीपीओ सहित प्रखंड स्तरीय सभी पदाधिकारी नियमित बैठक कर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। गंगा का जलस्तर दो मीटर नीचे है। इसके बाद भी प्रशासन अलर्ट है। खतरे के निशान पर गंगा आती है तो दियारा क्षेत्र में पानी फैल जाता है। बाढ़ आने के बाद विस्थापितों को ऊंचे स्थान पर ले जाने, तीन बार भोजन देने सहित सभी प्रकार के कार्य के लिए एजेंसी का चयन कर लिया गया है। स्थानीय स्तर पर अस्पतालों की जांच कर दवा की उपलब्धता कराई जा रही है।

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