मात्र 1 रुपये लेते थे सैलरी, राष्ट्र के लिए समर्पित था जीवन; बिहार के पूर्व राज्यपाल DY पाटिल के निधन पर शोक
बिहार के पूर्व राज्यपाल और शिक्षाविद् डॉ. डी.वाई. पाटिल का कोल्हापुर में निधन हो गया। उन्होंने राज्यपाल रहते हुए उच्च शिक्षा में सुधार पर जोर दिया और ...और पढ़ें

डॉ. डीवाई पाटिल। फाइल फोटो
HighLights
बिहार के पूर्व राज्यपाल डॉ. डी.वाई. पाटिल का निधन।
राज्यपाल के रूप में मात्र एक रुपये वेतन लेते थे।
उच्च शिक्षा सुधार और जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के पूर्व राज्यपाल एवं शिक्षाविद् डॉ. डीवाई पाटिल का निधन मंगलवार को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में हो गया। डॉ. पाटिल ने 22 मार्च 2013 से 26 नवंबर 2014 तक बिहार के राज्यपाल के रूप में कार्य किया और राज्य में उच्च शिक्षा में सुधार लाने की प्राथमिकता दी।
उन्होंने अपने कार्यकाल में संवैधानिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला। उनकी मुख्य भूमिका उच्च शिक्षा में सुधार और राजभवन के प्रशासनिक कार्यों के सुचारू संचालन पर केंद्रित रही।
राज्यपाल के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने टीए-डीए तक नहीं लिया और वेतन के नाम पर मात्र एक रुपये प्रतिमाह लेते थे।बुधवार को डॉ. डीवाई पाटिल को श्रद्धांजलि देने के लिए बिहार लोक भवन में शोक सभा का आयोजन किया जाएगा।
पटना विश्वविद्यालय और नालन्दा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) रासबिहारी सिंह ने बताया कि राज्यपाल और कुलाधिपति रहते हुए डॉ. डीवाई पाटिल ने सभी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र को नियमित कराने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने बिहार में शैक्षणिक व सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने पर जोर भी दिया।
जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने बिहार के पूर्व राज्यपाल डी.वाई. पाटिल के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि शिक्षा व जनसेवा के क्षेत्र में डी.वाई. पाटिल ने जो कार्य किए, वह सदैव याद किए जाएंगे। उन्होंने अपनी प्रतिभा से कई बड़े संस्थानों को स्थापित किया जो नई पीढ़ी के लिए काम कर रही है।
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राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित था डॉ. डीवाई पाटिल का जीवन
पद्मश्री से अलंकृत डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर मंगलवार को डॉ. डीवाई पाटिल पुष्पलता पाटिल इंटरनेशनल स्कूल, जगनपुरा एवं अनिसाबाद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जगनपुरा ब्रांच के अध्यक्ष प्रेम रंजन कुमार, उपाध्यक्ष अमरेंद्र मोहन सिंह, पूर्व एमएलसी रामचंद्र भारती, अनिसाबाद ब्रांच के अध्यक्ष रितु राज सिंह एवं प्राचार्य विभा कुमारी सहित सभी शिक्षकों और बच्चों ने उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. डीवाई पाटिल का जीवन जनकल्याण एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित था।