यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
KK Pathak: केके पाठक की नसीहत राज्यपाल आर्लेकर को नहीं आई रास, राजभवन में पेश होने का दिया आदेश
बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के बीच ठनी रार खत्म होने का नाम नहीं ले रही। राज्यपाल ने केके ...और पढ़ें

HighLights
- केके पाठक को सोमवार को सुबह दस बजे राजभवन में हाजिर होने का आदेश
- नौ अप्रैल को बुलायी गई कुलपतियों की बैठक में शामिल नहीं हुए थे केके पाठक
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के राज्यपाल राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को सोमवार को राजभवन में तलब किया है। राज्यपाल, जो राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भी हैं, ने नौ अप्रैल को कुलपतियों की बैठक बुलायी थी।
इस बैठक में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी बुलाए गए थे, लेकिन, उस बैठक में अपर मुख्य सचिव उपस्थित नहीं हुए थे। इसे राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने गंभीरता से लिया है।
केके पाठक को लिखे पत्र में क्या है?
इस बाबत राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल. चोंग्थू के हस्ताक्षर से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजे गये पत्र में राजभवन के उस पत्र का हवाला दिया गया है, जिसके जरिये कुलपतियों की बैठक में उन्हें बुलाया गया था।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक को संबोधित पत्र में कहा गया है कि नौ अप्रैल को 12 बजे दोपहर राजभवन में राज्यपाल व कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर की अध्यक्षता में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव से भी सम्मिलित होने का अनुरोध किया गया था, परंतु अपर मुख्य सचिव द्वारा बैठक में भाग नहीं लिया गया।
राज्यपाल द्वारा इस संदर्भ में खेद व्यक्त करते हुए पृच्छा की है कि किन परिस्थितियों में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा उक्त बैठक में भाग नहीं लिया गया? अतः निदेशानुसार सूचित करना है कि 15 अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे राज्यपाल एवं कुलाधिपति के कार्यालय कक्ष उपस्थित होने की कृपा की जाए।
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राज्यपाल के प्रधान सचिव ने यह पत्र 10 अप्रैल को ही शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को राजभवन ने भेजा है। अब देखना है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सोमवार को राज्यपाल के समक्ष उपस्थित होते हैं या नहीं।
12 अप्रैल को केके पाठक को लिखा था पत्र
बता दें कि 12 अप्रैल को ही अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने राज्यपाल के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि कुलाधिपति को विभागीय मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा है कि कुलाधिपति के पास शिक्षा विभाग को निर्देश देने का अधिकार नहीं है।