भैया, एम्बुलेंस जल्दी भेजिए… ‘हनुमान’ स्टार्टअप बना लाखों की लाइफलाइन, देशभर में 3000+ एम्बुलेंस नेटवर्क
कोविड संकट में 2020 में शुरू हुआ 'हनुमान एम्बुलेंस' स्टार्टअप अब लाखों लोगों की जीवनरेखा बन चुका है। डॉ. नीरज झा द्वारा स्थापित इस सेवा ने 2 लाख से अध ...और पढ़ें

हनुमान एम्बुलेंस स्टार्टअप अब लाखों लोगों की जीवनरेखा
डिजिटल न्यूज, पटना। बिहार की धरती से निकला ‘हनुमान एम्बुलेंस’ स्टार्टअप आज लाखों लोगों के लिए जीवन-रेखा बन चुका है। इसकी शुरुआत एक छोटे प्रयास के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बन गया है।
कोविड संकट में शुरू हुई पहल
स्टार्टअप के फाउंडर डॉ. नीरज झा बताते हैं कि साल 2020 में कोविड महामारी के दौरान हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे।
खासकर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए एम्बुलेंस और मेडिकल सुविधा मिलना मुश्किल था। इसी समस्या को देखते हुए ‘हनुमान’ सेवा की शुरुआत की गई।
2 लाख से अधिक लोगों की बचाई जान
इस सेवा के जरिए अब तक करीब 2 लाख से अधिक लोगों की जान बचाई जा चुकी है। यह सेवा शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण बिहार में भी बेहद कारगर साबित हुई है और जरूरतमंदों तक समय पर मदद पहुंचा रही है।
3000+ एम्बुलेंस का देशव्यापी नेटवर्क
‘हनुमान एम्बुलेंस’ ने पूरे देश में 3000 से अधिक एम्बुलेंस का नेटवर्क खड़ा किया है, जबकि बिहार में ही 300 से अधिक एम्बुलेंस सक्रिय हैं। यह नेटवर्क आपातकालीन सेवाओं को तेज और प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
छोटी शुरुआत, बड़ी सफलता
जुलाई 2020 में महज 2 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह स्टार्टअप आज करोड़ों के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। इस सफलता में एक समर्पित टीम और बेहतर सेवा की सोच का बड़ा योगदान है।
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स्टार्टअप बिहार से मिला सहारा
इस स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में ‘स्टार्टअप बिहार’ योजना का भी बड़ा योगदान रहा। साल 2022-23 में 25 लाख रुपये का अनुदान और 75 लाख रुपये का सपोर्ट लोन मिलने से इस सेवा को विस्तार देने में मदद मिली।

टेक्नोलॉजी और टीमवर्क की ताकत
‘हनुमान’ सेवा की खासियत है कि एक कॉल पर एम्बुलेंस, मेडिकल स्टाफ और जरूरी उपकरण मरीज के दरवाजे तक पहुंच जाते हैं। यह तकनीक और टीमवर्क का बेहतरीन उदाहरण है।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
डॉ. नीरज झा के अनुसार, आने वाले समय में इस सेवा को और विस्तार देने की योजना है। लक्ष्य है कि देश के हर कोने तक तेज और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति समय पर इलाज से वंचित न रहे।