पटना में हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल का काम 10% भी नहीं हुआ, 14 महीने पहले हुआ था शिलान्यास
पटना जंक्शन पर यात्री दबाव कम करने के लिए बनाए जा रहे हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल का काम 14 महीने बाद भी 10% भी पूरा नहीं हो पाया है। ...और पढ़ें

पटना में हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल का काम
HighLights
14 माह में 10% से भी कम निर्माण कार्य पूरा।
इंजीनियरिंग स्वीकृति और विभागों में समन्वय की कमी से देरी।
परियोजना में लगातार देरी से लागत 15% बढ़ने की आशंका।
विद्यासागर, पटना। राजधानी पटना में पटना जंक्शन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे हार्डिंग पार्क पैसेंजर टर्मिनल का निर्माण कार्य 14 माह के बाद भी रफ्तार नहीं पकड़ सका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 मई 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शिलान्यास की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला चरण 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक 10 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे पहले चरण में जी 4 स्टेशन भवन, जी 6 भवन, सबवे, फुटओवर ब्रिज, सिग्नल एवं दूरसंचार (एसएंडटी) भवन, बाउंड्री वाल और पांच प्लेटफार्म का निर्माण होना है।
इसके अलावा पूरे प्लेटफार्म और पांचों रेल लाइनों को मेट्रो व एयरपोर्ट की तर्ज पर आधुनिक कवर शेड से ढकने की योजना है, ताकि यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
मौजूदा स्थिति योजना के अनुरूप नहीं
निर्माण स्थल की मौजूदा स्थिति योजना के अनुरूप नहीं दिख रही है। बाउंड्री वाल का निर्माण अब भी अधूरा है। कुछ हिस्सों में मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य हुआ है, लेकिन कवर शेड का एक भी पिलर अब तक खड़ा नहीं हो सका है।
निर्माण के लिए लाई गई कई मशीनें हार्डिंग पार्क मैदान में खड़ी हैं, जबकि अधिकांश क्षेत्र में काम लगभग ठप पड़ा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार इंजीनियरिंग सर्विस प्लान को अंतिम स्वीकृति नहीं मिलने और वाशिंग पिट लाइन के कारण नई रेल लाइन बिछाने में तकनीकी बाधाएं आ रही हैं।
विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी भी परियोजना में देरी का एक प्रमुख कारण मानी जा रही है।
10 दिनों के भीतर काम में तेजी लाने का निर्देश
पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने 30 अप्रैल को समीक्षा बैठक में हार्डिंग पार्क टर्मिनल की प्रगति पर नाराजगी जताते हुए ट्रैक लिंकिंग, बाउंड्री वाल, ब्रिज एक्सटेंशन और एसएंडटी भवन सहित फेज-एक के कार्यों में 10 दिनों के भीतर तेजी लाने का निर्देश दिया था। साथ ही फेज-दो का डिजाइन शीघ्र तैयार करने को भी कहा था।
खबरें और भी
हालांकि इस निर्देश के भी दो माह हो गए इसके बाद भी निर्माण स्थल पर अपेक्षित प्रगति दिखाई नहीं दे रही है। निर्देश के बाद सिर्फ ब्राउंड्री का काम आगे बढ़ा है।
परियोजना में लगातार हो रही देरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण लंबा खींचने पर परियोजना की लागत में लगभग 15 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। समय पर निर्माण पूरा नहीं होने से पटना जंक्शन पर यात्री दबाव कम करने की रेलवे की योजना भी फिलहाल अधर में नजर आ रही है।