नीतीश कुमार के साथ 30 साल रहे भोजपुर के हरेंद्र सिंह, सिपाही से बने करीबी सहयोगी; अब मिली बड़ी जिम्मेदारी
Bihar Politics: हरेंद्र बहादुर सिंह, जो तीन दशक से अधिक समय तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुरक्षा अधिकारी और करीबी ...और पढ़ें

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हरेंद्र सिंह। सौ-इंटरनेट
HighLights
हरेंद्र सिंह तीन दशक से नीतीश कुमार के साथ रहे।
सिपाही से सुरक्षा अधिकारी और करीबी सहयोगी बने।
अब बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव नियुक्त।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार के लंबे राजनीतिक सफर के दौरान कई चेहरे उनके साथ जुड़े और समय के साथ अलग भी हुए।
लेकिन कुछ ऐसे लोग भी रहे, जिन्होंने बदलते राजनीतिक दौर के बीच अपनी मौजूदगी बनाए रखी। हरेंद्र बहादुर सिंह उन्हीं में से एक हैं।
कभी बिहार पुलिस में सिपाही के रूप में सेवा शुरू करने वाले हरेंद्र सिंह बाद में सब इंस्पेक्टर बने और एक दौर में नीतीश कुमार की सुरक्षा में तैनात रहे।
अब करीब तीन दशक से अधिक समय तक नीतीश कुमार के साथ जुड़े रहने वाले हरेंद्र बहादुर सिंह को बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। सोमवार को उनकी नियुक्ति की घोषणा की गई।

पुलिस परिवार से आते हैं हरेंद्र सिंह
हरेंद्र बहादुर सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के पंवट गांव के निवासी हैं। उनका परिवार भी सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है।
उनके पिता दुधेश्वर सिंह बिहार पुलिस से सेवानिवृत्त हैं, जबकि छोटे भाई नागेंद्र सिंह रेलवे में कार्यरत हैं। ऐसे में परिवार में शुरू से ही अनुशासन और सरकारी सेवा का माहौल रहा है।
हरेंद्र सिंह के परिवार की अगली पीढ़ी ने भी तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। उनके दोनों बेटे इंजीनियर हैं। उनकी एक बेटी और दामाद भी इंजीनियर हैं, जबकि दूसरी बेटी गृहिणी हैं। उनकी पत्नी मीना सिंह गृहिणी हैं।
सिपाही से शुरू हुआ सफर, फिर बने सुरक्षा अधिकारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार हरेंद्र बहादुर सिंह ने बिहार पुलिस में सिपाही के पद से अपने करियर की शुरुआत की थी। सेवा के दौरान उन्होंने पदोन्नति पाकर सब इंस्पेक्टर का दायित्व संभाला।
इसी दौरान उन्हें तत्कालीन नेता और बाद में बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार की सुरक्षा में जिम्मेदारी मिली। बताया जाता है कि नीतीश कुमार के हरनौत विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहने के समय से ही हरेंद्र सिंह उनके साथ जुड़े रहे।
इसके बाद नीतीश कुमार के सांसद बनने, केंद्र में मंत्री रहने और फिर बिहार के मुख्यमंत्री बनने तक हरेंद्र सिंह का साथ बना रहा।
बॉडीगार्ड की भूमिका से आगे बढ़ा रिश्ता
सुरक्षा अधिकारी के रूप में किसी वीआईपी की सुरक्षा का दायित्व बेहद महत्वपूर्ण होता है। हरेंद्र सिंह ने भी लंबे समय तक यह जिम्मेदारी निभाई। लगातार साथ रहने के कारण दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत होता गया।
समय के साथ हरेंद्र सिंह की भूमिका केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रही। उन्हें नीतीश कुमार के करीबी सहयोगियों के बीच भी देखा जाने लगा। निशांत से भी उनका बेहतर संबंध है।
करीबी लोगों के अनुसार, हरेंद्र सिंह का व्यवहार सहज और मृदुभाषी रहा है। लंबे समय तक एक ही व्यक्ति के साथ जिम्मेदारी निभाने के कारण उनके और नीतीश कुमार के बीच आपसी विश्वास का संबंध भी मजबूत हुआ।

(स्वास्थ्य मंत्री निशांत के साथ हरेंद्र सिंह।)
अब मिली नई जिम्मेदारी
पुलिस सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी हरेंद्र सिंह का नीतीश कुमार से जुड़ाव बना रहा। अब बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव पद पर उनकी नियुक्ति ने उन्हें एक बार फिर सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
एक पुलिसकर्मी के रूप में करियर शुरू करने वाले हरेंद्र सिंह का तीन दशक से अधिक समय तक नीतीश कुमार के साथ बने रहना उनके जीवन की सबसे प्रमुख पहचान बन चुका है।
हरेंद्र सिंह की कहानी को केवल एक पूर्व बॉडीगार्ड की कहानी के रूप में देखना शायद पर्याप्त नहीं होगा। यह लंबे समय तक निभाई गई जिम्मेदारी, विश्वास और बदलते राजनीतिक दौर में साथ बने रहने की कहानी भी है।
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