नीतीश कुमार के करीबी हरिवंश की वापसी; फिर बने राज्यसभा सदस्य, 2032 तक निभाएंगे जिम्मेदारी
हरिवंश को राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए फिर से नामित किया गया है। गृह मंत्रालय के गजट में इसकी घोषणा हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी हरिवंश ...और पढ़ें
HighLights
हरिवंश को राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा के लिए नामित किया गया।
उनका अगला कार्यकाल अब 2032 तक रहेगा।
नीतीश कुमार के करीबी, 2018 में उपसभापति बने।
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश एक बार फिर राज्यसभा के लिए नामित कर लिए गए हैं। गृह मंत्रालय के गजट में इसका एलान किया गया है।
गृह मंत्रालय के गजट के अनुसार एक सदस्य की सेवानिवृत्ति के बाद खाली हुई सीट पर राष्ट्रपति ने उन्हें मनोनीत किया है। उनका कार्यकाल 9 अप्रैल को ही समाप्त हुआ है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी रहे हरिवंश 2014 में पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे।

(नीतीश कुमार के साथ हरिवंश।)
इसके बाद वे लगातार इस पद पर रहे। वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति बनाए गए। इसके बाद फिर 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे। उनका अगला कार्यकाल 2032 तक रहेगा।

बिहार की पांच सीटों के लिए उम्मीदवार नहीं बने थे हरिवंश
इस बार राज्यसभा चुनाव के समय उनका नाम उम्मीदवारों की सूची में नहीं था। ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा, लेकिन अब कयासों पर विराम लग चुका है।
प्रख्यात पत्रकार रहे हरिवंश नारायण सिंह जो हरिवंश नाम से चर्चित हैं, उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी हैं। 30 जून 1956 के जन्में हरिवंश ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता की पढ़ाई की।
राज्यसभा चुनाव रहा काफी चर्चित
इस बार बिहार की सियासत के लिए राज्यसभा चुनाव काफी चर्चित रहा। दो दशक से बिहार संभाल रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का एलान कर सबको चौंका दिया था।
नीतीश के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश कुमार राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं।