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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, एसएसबी का कैंप उड़ाने की तैयारी में लश्कर!

    By Kajal KumariEdited By:
    Updated: Wed, 12 Oct 2016 11:24 PM (IST)

    एनआइए जांच एजेंसी के खुलासे के बाद भारत-नेपाल सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। अब बिना पहचान पत्र दिखाए सीमा के भीतर घुसने की इजाजत नहीं होगी। ...और पढ़ें

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    पटना [वेब डेस्क]। लश्कर के आतंकी व पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी के एनआईए के खुलासे के बाद भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा और बढ़ा दी है। सीमा पार आने जाने वालों की कड़ाई से निगरानी की जा रही है।

    अब सीमा पर बिना पहचान पत्र दिखाए आवाजाही संभव नहीं होगा। भारत नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी ने ये व्यवस्था लागू करते हुए डॉग स्क्वॉयड से आने - जाने वालों की भी जांच शुरू कर दी है।

    रक्सौल के सीमावर्ती झरोखर थाना के अठमुहान गांव से लश्कर के आतंकी सहित दो पाकिस्तानी नागरिकों की गिरफ्तारी बीते सप्ताह बुधवार की रात हुई थी। हालांकि इस गिरफ्तारी में कुल पांच संदिग्ध शामिल हैं, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक हैं। सूत्रों के मुताबिक, एसएसबी व एनआईए की टीम इन आतंकियों को पूछताछ के लिए दिल्ली ले गयी है। लेकिन एसएसबी व एसपी जितेंद्र राणा ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

    हालांकि खुफिया सूत्रों सहित नेपाल के कई लोगों ने बुधवार की रात पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की आवाजाही की पुष्टि की थी। सूत्रों की मानें तो करीब आधा दर्जन एसयूवी गाड़ियों की आवाजाही हुई थी। लेकिन आये लोग पूरी खामोशी से करीब एक घंटे के अंदर निकल गए। सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती गतिविधियां इस बात की द्योतक हैं कि सीमा पर सब कुछ सामान्य नहीं है।

    उधर, भले ही जिला प्रशासन आतंकियों की गिरफ्तारी की घटना से इनकार करता रहा है, लेकिन घटना के बाद से जिला प्रशासन का पूरा ध्यान सीमावर्ती इलाकों पर ही केंद्रित रहा। यही कारण है कि घटना के बाद नवरात्र के बीच जिलाधिकारी व एसपी ने दो बार रक्सौल जाकर मीटिंग की और सुरक्षा सम्बंधित निर्देश पुलिस व एसएसबी अधिकारियों को दिया।

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    उस समय जिला प्रशासन ने वाल्मीकि नगर के टाइगर रिजर्व में कुछ आतंकियों के छिपे होने की संभावना जताया था और बताया था कि खुफिया विभाग की सूचना पर एसएसबी व बिहार पुलिस पिछले कई दिनों से कॉंबिंग ऑपरेशन में जुटी है। सूत्रों की माने तो जंगली इलाकों की सूक्ष्म निगरानी के लिए कैमरे लगे ड्रोन की भी मांग की गयी है।

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    खुफिया सूचना मिली थी कि पाक अधिकृत कश्मीर में सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का जबाब आतंकी भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एसएसबी कैंप उड़ाकर कर सकते हैं। इसके लिए फिदायीन हमला भी हो सकता है। जिसके मद्देनजर एसएसबी व सीमावर्ती बिहार पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है। भारत-नेपाल 650 किमी लंबी सीमा के सॉफ्ट प्वाइंट से आतंकी भारत में घुसकर विध्वंसक कार्रवाई को अंजाम दे सकते हैं।

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    अभी तक दोनों देशों की खुली सीमा व बेरोकटोक आवाजाही आतंकियों को आकर्षित करती रही है। रक्सौल सीमा पर अब तक इंडियन मुजाहिद्दीन व लश्कर के आधा दर्जन से अधिक आतंकी पकड़े जा चुके हैं। अभी दो साल पहले आईएम का प्रमुख आतंकी यासीन भटकल व उसका शागिर्द हड्डी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ा था।