Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IT Return New Rules: अब ऑटो मोड में रहेगा नया आयकर स्लैब, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में बदलाव

    Updated: Mon, 01 Apr 2024 08:07 PM (IST)

    अगर किसी आयकरदाता को पुराने आयकर रिजिम के आधार पर आयकर भरनी हो तो उन्हें इसमें बदलाव कर ओल्ड स्कीम से आयकर भरने की प्रक्रिया करनी होगी। नई आयकर व्यवस् ...और पढ़ें

    अब ऑटो मोड में रहेगा नया आयकर स्लैब, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में बदलाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    अब ऑटो मोड में रहेगा नया आयकर स्लैब, रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में बदलाव (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    जागरण संवाददाता, पटना। Income Tax Return New Rules 2024 अब वित्तीय वर्ष के बदलाव के साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 से नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट मोड में लागू कर दी गई है। इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करते समय अब आयकरदाता को डिफॉल्ट मोड में नया आयकर रिजिम देखने को मिलेगा।

    अगर किसी आयकरदाता को पुराने आयकर रिजिम के आधार पर आयकर भरनी हो तो उन्हें इसमें बदलाव कर ओल्ड स्कीम से आयकर भरने की प्रक्रिया करनी होगी। नई आयकर व्यवस्था कंपनियों और फर्मों के अलावा अन्य व्यक्तियों के लिए वित्तीय वर्ष 23-24 से डिफॉल्ट मोड में लागू की गई है।

    इसमें करदाताओं के पास टैक्स रिजिम व्यवस्था चुनने का विकल्प होगा। जिन्हें लगता है कि उनके लिए पुराने स्लैब फायदेमंद है तो वह पुरानी स्लैब व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं। सीए आशीष रोहतगी व सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि बिना किसी व्यावसायिक आय वाले पात्र व्यक्तियों के पास प्रत्येक वर्ष के लिए व्यवस्था चुनने का विकल्प होगा, इसलिए वे एक वित्तीय वर्ष में पुरानी कर व्यवस्था और दूसरे वर्ष में नई कर व्यवस्था चुन सकते हैं।

    उन्होंने बताया कि यदि कोई नियोक्ता अपने कर्मी का पुरानी व्यवस्था से टीडीएस का डिडक्शन काट लिया है, कर्मी चाहे तो न्यू रिजिम के तहत आइटीआर फाइल कर सकते हैं।

    नए आयकर रिजिम में सात लाख आय पर टैक्स नहीं

    नए आयकर रिजिम में तीन लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं, तीन लाख से छह लाख रुपये पर पांच प्रतिशत निर्धारित है। इसमें 87ए के तहत आयकर छूट के प्राविधान है। छह लाख से नौ लाख तक 10 प्रतिशत का स्लैब है। इसमें सात लाख रुपये की आय पर 87ए के तहत आयकर छूट के प्राविधान है। नौ लाख रुपये से 12 लाख की आय पर 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख की आय पर 20 प्रतिशत तथा 15 लाख रुपये से अधिक की आयकर पर 30 प्रतिशत के हिसाब से आयकर निर्धारित है।

    खबरें और भी

    पुरानी आयकर व्यवस्था में 80 सी, डी व जी की छूट

    पुरानी आयकर प्रणाली में ढ़ाई लाख की आयर पर कोई टैक्स नहीं। पांच लाख रुपये की आय पर पांच प्रतिशत, पांच से 10 लाख की आय पर 20 प्रतिशत आयकर देय होता है। अगर 10 लाख रुपये से ज्यादा की वार्षिक आय है तब 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाता है।

    पुराने प्रणाली में आयकर दाता को होम लोन, 80 सी के तहत डेढ़ लाख रुपये तक की छूट, 80 डी और 80 जी के तहत छूट का लाभ ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त भी विभिन्न तरह के छूट का भी प्राविधान है।

    ये भी पढ़ें- Bihar Politics: 'लालू को रोहिणी की चिंता, मगर ऐश्वर्या...'; RJD सुप्रीमो पर ये क्या बोल गए विजय सिन्हा

    ये भी पढ़ें- Bihar Teacher News: शिक्षा विभाग का एक आदेश और चली गई सैकड़ों शिक्षकों की नौकरी, DEO को करना होगा ये काम