जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय में नए सत्र से शुरू होगी पढ़ाई, इंटर्नशिप पर विशेष जोर
जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विकास विश्वविद्यालय में नए सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। इसमें बैचलर ऑफ वोकेशनल, पोस्ट ग्रेजुएट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित हों ...और पढ़ें

जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय में नए सत्र से शुरू होगी पढ़ाई (AI Generated Image)

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दीनानाथ साहनी, पटना। बिहार में नवस्थापित जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विकास विश्वविद्यालय में नये शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई शुरू कराने की तैयारी हो रही है। इस विश्वविद्यालय में बैचलर ऑफ वोकेशनल (स्नातक) के तहत मैन्युफैक्चरिंग, मेकाट्रॉनिक्स, एग्रीकल्चर, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एप्लीकेशन और रोबोटिक्स और ऑटोमेशन विषय संबंधी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे।
पोस्ट ग्रेजुएट (स्नातकोत्तर) और डिप्लोमा पाठ्यक्रम लागू होंगे। इसके तहत डिजिटल मार्केटिंग, डेटा साइंस, एचआर, सप्लाई चेन, इवेंट मैनेजमेंट और हेल्थकेयर मैनेजमेंट समेत अन्य विषय पाठ्यक्रम के हिस्सा होंगे। आईटी और डिजिटल कौशल के तहत सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डेवलपमेंट, नेटवर्क सिक्योरिटी और एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) संबंधी पाठ्यक्रम भी शामिल किए गए हैं।
वर्तमान में दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में संचालित इस विश्वविद्यालय के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि विशेषज्ञों की कमेटी की ओर से स्नातक और स्नातकोत्तर संकाय के पाठ्यक्रमों को अंतिम रूप दिया गया है। पाठ्यक्रम युवाओं को रोजगार मुहैया कराने तथा वैश्विक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना का उद्देश्य बिहार के युवाओं को कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा देना है और इसके लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रमों के मानकों के आधार पर रोबोटिक्स, थ्री-डी, वेब डेवलपमेंट, साइबर सुरक्षा, एआइ, डेटा साइंस, मोटर वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनल डेवलपमेंट और अन्य अत्याधुनिक पाठ्यक्रम को लागू किए जाएंगे।
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बता दें कि इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं। 23 जुलाई, 2025 को बिहार विधान मंडल से जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक 2025 पारित हुआ था। इसके बाद सरकार ने विश्वविद्यालय की स्थापना की।
उद्योग आधारित संचालित होंगे पाठ्यक्रम
कौशल विकास विश्वविद्यालय में मुख्य रूप से उद्योग आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जो रोजगार क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित हैं। चयनित पाठ्यक्रमों में डिजिटल मार्केटिंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, ऑटोमोबाइल और ब्यूटी एंड वेलनेस जैसे विषय प्रमुख हैं, जो तीन माह से लेकर तीन साल की अवधि के होंगे।
अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े पाठ्यक्रत भी होंगे, जिनमें पर्यटन और आतिथ्य, ग्राफिक डिजाइनिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, और मीडिया मैनेजमेंट। क्षेत्र विशिष्ट से संबंधित वन अग्नि प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण, पैराटॉक्सोनॉमी और हरित कौशल विकास जैसे विषय होंगे।
पाठ्यक्रम की विशेषताएं-
- प्रायोगिक शिक्षा : सभी पाठ्यक्रमों में सैद्धांतिक से ज्यादा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाएगा।
- मल्टीपल एंट्री एग्जिट: कारपोरेट कंपनियों के साथ मिलकर छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप पर फोकस होगा, ताकि उन्हें तुरंत प्लेसमेंट मिल सके।
- युवाओं को खुद उद्यमी बनने के लिए भी तैयार किया जाएगा, ताकि रोजगार सृजन हो सके।
हर संकाय में 50-60 छात्रों के लिए सीटें
कौशल विकास विश्वविद्यालय में संकायवार सीटों की संख्या विशिष्ट कोर्स, मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जो आगे बदलेगी।
कौशल विकास पाठ्यक्रमों में वैसे बैच का आकार 30-40 छात्रों के बीच होता है, ताकि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जा सके, लेकिन इस विश्वविद्यालय में हर संकाय का बैच 50-60 छात्रों को रखने की उम्मीद है।