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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Politics: 'तेजस्वी को मौका मिल जाए तो लालू को भी...', ये क्या बोल गए JDU नेता; खोल दी अंदर की बातें!

    Updated: Thu, 13 Jun 2024 07:22 PM (IST)

    जदयू नेता राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जदयू नेता का कहना है कि अपने भाषण में तेजस्वी यादव बिहारियों का हमदर्द बनने का सिर्फ दिखा ...और पढ़ें

    बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व सीएम लालू यादव (फाइल फोटो)
    बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व सीएम लालू यादव (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने गुरुवार को कहा कि तेजस्वी यादव यह बताएं कि नौकरी के नाम पर जो जमीन हड़पी गयी थी उसे वह कब लौटाएंगे? जमीन लौटाने के सवाल पर वह एक शब्द भी क्यों नहीं बोलते? यह दिखाता है कि जमीन के लोभ में उन्होंने नैतिकता और ईमानदारी को ताक पर रख दिया है।

    उन्होंने कहा कि अपने भाषण में वह बिहारियों का हमदर्द बनने का सिर्फ दिखावा करते हैं। मौका मिलने पर वह भ्रष्टाचार व घोटाले में लालू प्रसाद को भी पीछे छोड़ने में बाज नही आएंगे।

    राजीव रंजन ने कहा कि राजद और का्ंग्रेस जैसे वंशवादी दलों का आधार ही भ्रष्टाचार पर टिका हुआ है। इनके लिए पैसा ही सब कुछ है। जनता को लूटना-खसोटना ही इनके लिए राजनीति है। यहां राजनीति के आरंभ में ही भ्रष्टाचार व घोटालों की ट्रेनिंग मिलती है।

    जंगलराज के युवराज कानून व्यवस्था पर नीतीश सरकार को उपदेश न दें : उमेश

    जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने गुरुवार को कहा कि जंगलराज के युवराज कानून व्यवस्था के मामले में नीतीश कुमार की सरकार को नसीहत न दें। अपराधियों का तांडव समझने के लिए तेजस्वी यादव को अपने माता-पिता के शासनकाल का काला इतिहास पलटना चाहिए।

    जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जंगलराज की उत्पत्ति लालू-राबड़ी सरकार की देन है। इस वजह से एक लंबे कालखंड तक बिहार को पूरे देश-दुनिया में भारी फजीहत झेलनी पड़ी। राजद की सरकार में सत्ता संरक्षित अपराधियों का बोलबाला था।

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    उन्होंने कहा, महिलाओं व बहन-बेटियों को खुले में सांस लेने की आजादी नहीं थी। फिरौती और लूट के भय से व्यवसाय से जुड़े लोगों को पलायन पर मजबूर कर दिया था। अगर तेजस्वी यादव 1990 से 2005 तक के दौर से अनजान हैं तो उन्हें अपने माता-पिता से इसकी पूरी जानकारी लेनी चाहिए।

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