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चंपारण मीट की ब्रांड एंबेसडर बनेंगी जीविका दीदियां, बिहार सरकार का बड़ा एलान

Published: Sat, 25 Jul 2026 05:30 AM (IST)Updated: Sat, 25 Jul 2026 06:55 AM (IST)

जीविका दीदियां अब चंपारण मीट की ब्रांड एंबेसडर बनेंगी, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की पहल को बढ़ावा मिलेगा।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. जीविका दीदियां बनेंगी चंपारण मीट की ब्रांड एंबेसडर।

  2. बकरी पालन को बढ़ावा देकर दीदियों को आत्मनिर्भर बनाएगी सरकार।

  3. 9.78 लाख से अधिक परिवार हुए सशक्त, ऋण भी मिला।

राज्य ब्यूरो, पटना। सरकार जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर पहल कर रही है। इसी क्रम में विधान परिषद में भोजनावकाश के उपरांत गुरुवार को ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने बड़ी घोषणा की।

उन्होंने सदन को बताया कि अब जीविका दीदियां चंपारण मीट की ब्रांड एंबेसेडर बनेंगी। सरकार पहाड़ी जिलों विशेषकर पश्चिमी चंपारण जिले में बकरी पालन को बढ़ावा देने पर बल देगी।

राज्य भर में बकरी पालन एवं पशुपालन से जुड़कर जीविका दीदी आत्मनिर्भरता की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिसमें अबतक नौ लाख 78 हजार से ज्यादा परिवार सशक्त हो रहे हैं।

केवल अररिया में सीमांचल बकरी उत्पादन कंपनी बनाकर 19 हजार 956 परिवार को जोड़ा गया। इसके बूते जीविका दीदियां काफी तरक्की कर रही हैं।

जीविका दीदियों को किया जाएगा प्रोत्साहित

सभापति अवधेश नारायण सिंह का ध्यान आकृष्ट करते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार के पहाड़ी जिले जैसे पश्चिमी चंपारण, कैमूर, जमुई, गया, नवादा, बांका, मुंगेर, रोहतास, नालंदा एवं शेखपुरा जिले में विशेष रूप से जीविका दीदियों को डेरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की मदद से तरक्की के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

इनकी मदद के लिए राज्य में अबतक सात हजार 781 पशु सखी को प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य में जीविका दीदी के द्वारा 61 उत्पादक कंपनी बनाई गई है। जीविका दीदियां राज्य में 520 कस्टम हायरिंग सेंटर चला रही हैं। जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए छह हजार 876 जीविका दीदी किसानों को जोड़ा गया।

राज्य में दीदियों के रोजगार को बढ़ावा और जीविका दीदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 2025-26 में 1 लाख 29 हजार समूह को बैंकों से 7 हजार 52 करोड़ से अधिक ऋण उपलब्ध कराया गया।

साथ ही महिलाओं की उद्यमशिलता को और अधिक बढ़ावा प्रदान करने हेतु राज्य स्तर पर एक सहकारी संस्थान बिहार राज्य जीविका निधि शाख सहकारी संघ लिमिटेड जीविका निधि का गठन किया गया।

राज्यभर में 1 हजार 365 सिलाई केंद्र में माध्यम सिलाई कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक प्रखंड में सिलाई केंद्र खोला जा रहा है, जिसके 40 हजार से ज्यादा जीविका दीदी को प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें 51 हजार से अधिक दीदी को रोजगार मिल रहा है।

बिहार की सरकार एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दीदी के सुझाव को एक- एक कर मान लिया और आज बिहार में योजना लागू की गई है।

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