यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Jitan Ram Manjhi: मांझी ने केंद्र सरकार से कर दी सबसे मुश्किल डिमांड, क्या इच्छा पूरी करेंगे पीएम मोदी?
Bihar Politics जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार के सामने अब तक की सबसे मुश्किल डिमांड रख दी है। जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र को मगही भाषा पर ध्यान दे ...और पढ़ें

HighLights
- जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार से कर दी अलग तरह की मांग
- जीतन राम मांझी की डिमांड को मानना केंद्र सरकार के लिए मुश्किल होगा
- जीतन राम मांझी ने बिहार के लोगों से ज्यादा से ज्यादा मगही बोलने की अपील की
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar Political News Today: केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार के सामने अब तक की सबसे मुश्किल डिमांड रख दी है। जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) की इस डिमांड को मानना केंद्र सरकार के लिए मुश्किल ही नहीं असंभव जैसा होगा। केंद्र सरकार, शायद ही इस डिमांड को मानने को राजी हो।
मगही भाषा आठवीं अनुसूची में शामिल हो: जीतन राम मांझी
दरअसल, जीतन राम मांझी ने केंद्र सरकार से डिमांड करते हुए कहा कि मगही प्रसिद्ध भाषा है, इसका विकास होना चाहिए। अधिक से अधिक लोग मगही बोलें और आठवीं अनुसूची में इसे शामिल किया जाए। इसके लिए जो संभव है वह प्रयास करेंगे।
मगही भाषा कहां-कहां बोली जाती है?
बिहार में मगही मुख्य रूप से पटना, नालंदा, वैशाली, गया, राजगीर, नालंदा, अरवल, जहानाबाद, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर, औरंगाबाद के इलाकों में बोली जाती है।
जीतन राम मांझी ने बिहार के विशेष दर्जे को लेकर भी कही बड़ी बात
जीतन राम मांझी ने कहा बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगना पत्थर पर सिर पटकने जैसा है। उन्होंने कहा है कि नीति आयोग ने तो पहले ही मना कर दिया है कि वे विशेष राज्य का दर्जा नहीं देंगे।
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