Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    CM सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद मांझी की बड़ी डिमांड; मांगी MLC सीट, बताया क्‍यों है यह जरूरी

    Updated: Tue, 26 May 2026 03:11 PM (GMT+05:30)

    जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर बिहार विधान परिषद चुनाव में अपनी पार्टी, हम, के लिए एक सीट की मांग की है। उन्होंने तर्क दिया ...और पढ़ें

    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के साथ मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी।

    केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के साथ मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी।

    HighLights

    1. जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।

    2. बिहार विधान परिषद चुनाव में हम के लिए सीट मांगी।

    3. कहा, इससे एनडीए और पार्टी दोनों मजबूत होंगे।

    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधान परिषद की नौ सीटों पर चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
     
    इसी बीच केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर राजनीतिक चर्चाओं को नया आयाम दे दिया।

    मुख्यमंत्री ने मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया।

    एनडीए की मजबूती के लिए भी जरूरी

    मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने खुलकर विधान परिषद की एक सीट पर दावा ठोक दिया।उन्होंने कहा कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के पास वर्तमान में पांच विधायक और एक विधान पार्षद हैं।

    पार्टी का प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार में भी है, ऐसे में एनडीए को विधान परिषद में पार्टी को एक और सीट देनी चाहिए। मांझी ने तर्क दिया कि इससे न सिर्फ उनकी पार्टी मजबूत होगी, बल्कि एनडीए के प्रति कार्यकर्ताओं का आकर्षण और भरोसा भी बढ़ेगा।

    जीतन राम मांझी ने संकेत दिया कि वह इस मुद्दे को लेकर एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व से भी चर्चा करेंगे। राजनीतिक जानकारों की मानें तो विधान परिषद चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच दबाव की राजनीति तेज हो गई है।

    खबरें और भी

    राज्‍यसभा चुनाव में पूरी नहीं हुई थी हसरत

    यह पहला मौका नहीं है जब मांझी ने राजनीतिक हिस्सेदारी को लेकर सार्वजनिक रूप से मांग रखी हो। इससे पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने पार्टी के लिए एक सीट की मांग की थी। हालांकि उस समय उनकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी थी।

    अब विधान परिषद चुनाव के बहाने उन्होंने एक बार फिर अपनी दावेदारी को सामने रखा है। ऐसे में निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि एनडीए नेतृत्व इस बार मांझी की मांग को कितना महत्व देता है।

    बिहार में आगामी चुनावी समीकरणों और सहयोगी दलों के संतुलन को देखते हुए यह मांग राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।

    यह भी पढ़ें- बिहार विधान परिषद चुनाव का एलान, 10 सीटों पर 18 जून को वोटिंग; नीतीश कुमार की सीट पर होगा उपचुनाव