यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: मांझी के बेटे ने चुनाव से पहले रख दी बड़ी डिमांड, अब नीतीश सरकार के पाले में गेंद!
हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने विधान परिषद में अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए अलग से सीटें आरक्षित करने की मांग की है। उन्होंने ...और पढ़ें

HighLights
- विधान परिषद में एससी-एसटी के लिए अलग से चिह्नित हों सीटें : संतोष सुमन
- जब तक शिक्षा नहीं आएगी, तब तक कोई अधिकार स्थायी नहीं होगा : मांझी
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने मांग की है कि विधान परिषद में अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) के लिए अलग से सीटें चिह्नित की जाएं।
शनिवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की 134वीं जयंती के अवसर पर तारामंडल परिसर में आंबेडकर संकल्प सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि जैसे शिक्षक और स्नातक वर्ग के लिए विधान परिषद में आरक्षित सीटें हैं, वैसे ही एससी-एसटी समुदायों के लिए भी व्यवस्था होनी चाहिए, जहां केवल उन्हीं वर्गों के लोग वोटर हों और उन्हीं में से प्रतिनिधि चुने जाएं।
बिहार सरकार के सामने रखेंगे प्रस्ताव
उन्होंने इस प्रस्ताव को बिहार सरकार और विधान परिषद के समक्ष औपचारिक रूप से रखने की बात कही और जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के स्तर से भी पहल करने का संकेत दिया।
मांझी बोले- हमारे समाज में 70 प्रतिशत लोग अशिक्षित
दूसरी ओर, पार्टी के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सवाल किया कि हर साल हम बाबा साहेब को याद करते हैं, लेकिन क्या उनके विचारों को अपनाते भी हैं? हमने हमेशा शिक्षा को असली हथियार माना, लेकिन आज भी हमारे समाज में 70 प्रतिशत लोग अशिक्षित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जब तक शिक्षा नहीं आएगी, तब तक कोई अधिकार स्थायी नहीं होगा। उन्होंने समान शिक्षा नीति लागू करने की मांग दोहराते हुए कहा कि सिर्फ जमीन नहीं, समझ और शिक्षा ही असली ताकत है।
दलित सेवा दल का गठन
कार्यक्रम में दलित सेवा दल नामक एक संगठन की भी घोषणा की गई, जो गांव-गांव जाकर संविधान, सामाजिक अधिकार और शिक्षा पर जागरूकता फैलाएगा।
इसकी अध्यक्षता शंकर मांझी करेंगे जिसके लिए 15 सदस्यीय समिति बनाई जाएगी। मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल शर्मा, विधायक प्रफुल्ल मांझी, राजेश पांडेय, श्याम सुंदर शरण आदि मौजूद रहे।
ये भी पढ़ें- Bihar Politics: चुनाव से पहले पशुपति पारस ने तोड़ा NDA से 'रिश्ता', बताया RLJP का सियासी प्लान
ये भी पढ़ें- लंबे समय तक नीतीश के साथ रहे पूर्व मंत्री ने थामा PK का हाथ, बिहार की राजनीति में आया नया मोड़