Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Jobs: बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले, नीतीश सरकार और सिडबी के बीच हुआ समझौता, 150 करोड़ का फंड जारी

    Updated: Sat, 08 Feb 2025 02:33 PM (IST)

    बिहार मे स्टार्ट अप में लगे युवाओं की वित्तीय सहायता के लिए सिडबी की मदद से 150 करोड़ का कारपस फंड इसी वर्ष जून में अस्तित्व में आ जाएगा। इस बारे में ...और पढ़ें

    बिहार के सीएम नीतीश कुमार (जागरण फाइल फोटो)
    बिहार के सीएम नीतीश कुमार (जागरण फाइल फोटो)

    HighLights

    1. बिहार में स्टार्टअप चलाने वाले युवाओं को सिडबी करने जा रही मदद
    2. सिडबी और नीतीश सरकार के बीच समझौता हुआ है

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: बिहार मे स्टार्ट अप में लगे युवाओं की वित्तीय सहायता के लिए सिडबी की मदद से 150 करोड़ का कारपस फंड इसी वर्ष जून में अस्तित्व में आ जाएगा। इस बारे में उद्योग विभाग और सिडबी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर हो चुका है।

    स्टार्ट में लगे युवाओं की समस्या अपने आगे के काम के लिए फंड व्यवस्था की रहती है। इस मामले में उनकी निर्भरता महानगरों में बैठे निवेशकों पर रहती है। इसे लेकर हमेशा संशय की स्थिति बनी रहती है कि मदद मिलेगी या नहीं।

    निवेशक भी वैसे चाहिए कि जिन्हें सेबी की मान्यता हो। इसे केंद्र में रख यह तय किया गया कि एक कारपस बनाकर स्टार्ट अप में आगे बढ़ रहे युवाओं को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाए।

    150 करोड़ के कारपस में उद्योग विभाग उपलब्ध कराएगा 50 करोड़

    उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 150 करोड़ रुपए के कारपस में 50 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं एक सौ करोड़ की व्यवस्था सिडबी अपने स्तर सें कराएगा। मालूम हो कि किसी स्टार्ट अप इकाई द्वारा अगर 80 प्रतिशत तक का काम कर लिया जाता है तो उसे छह लाख रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है। 

    900 स्टार्ट अप में 70 प्रतिशत ने काम शुरू कर रखा है 

    उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बिहार में 900 स्टार्ट अप हैं। इनमें से 70 प्रतिशत ने अपना काम शुरू कर दिया है। वहीं 30 प्रतिशत स्टार्ट अर अभी आइडिएशन के स्तर पर हैं। 

    खबरें और भी

    सबसे अधिक एग्री सर्विसेस, ई कामर्स और स्वास्थ्य के क्षेत्र में 

    सबसे अधिक स्टार्ट अप बिहार में एग्री सर्विसेस के क्षेत्र में हैं। कुल स्टार्ट अप का 11 प्रतिशत से अधिक इस क्षेत्र में हैं। वहीं ई कामर्स व स्वास्थ्य के क्षेत्र की भी हिस्सेदारी भी 11 प्रतिशत है। हैंडीक्राफ्ट की हिस्सेदारी 9 प्रतिशत है। शेष सेक्टर की अलग-अलग हिस्सेदारी है। ईवी सेक्टर में भी स्टार्ट अप पर काम चल रहा। बिहार के युवा स्टार्टअप के जरिए देश भर में परचम लहरा सकते हैं।

    स्टार्टअप क्या होता है?

    स्टार्टअप एक नई और छोटी कंपनी होती है जो किसी नए और अनोखे विचार या उत्पाद के साथ बाजार में प्रवेश करती है। स्टार्टअप आमतौर पर तकनीकी और नवाचारी होते हैं और उनका मुख्य उद्देश्य अपने उत्पाद या सेवा को बाजार में स्थापित करना और व्यवसाय को बढ़ाना होता है।

    ये भी पढ़ें

    Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले BJP का मास्टरस्ट्रोक, RJD और कांग्रेस की बढ़ाई टेंशन

    Bihar News: बिहार में बदल गया DL बनाने का नियम, मार्च से हो जाएगा लागू; अब लगेंगे ये दस्तावेज