Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बिहार: ऐतिहासिक धरोहर से ईको-टूरिज्म हब तक, नए अवतार में दिखेगा विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 07:17 PM (IST)

    बिहार के विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को ऐतिहासिक स्थल के साथ ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके समग्र विकास के लिए मास्टर प्ल ...और पढ़ें

    नए अवतार में दिखेगा विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप

    नए अवतार में दिखेगा विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप

    HighLights

    1. केसरिया स्तूप ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित होगा।

    2. समग्र विकास हेतु विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश।

    3. जेन पार्क, ध्यान केंद्र, सरोत्तर झील में बोटिंग सुविधाएँ मिलेंगी।

    राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के पर्यटन मानचित्र पर विश्व प्रसिद्ध केसरिया बौद्ध स्तूप को ऐतिहासिक स्थल के साथ ही ईको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसकी कवायद तेज हो गई है।

    पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने केसरिया स्तूप का निरीक्षण करके अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और स्तूप सहित आसपास के पूरे क्षेत्र के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया।

    इस प्रस्तावित योजना के तहत केसरिया स्तूप परिसर को पर्यटन और आध्यात्मिक अनुभव का नया केंद्र बनाने की तैयारी है। यहां जेन पार्क, चिल्ड्रेन पार्क, ध्यान केंद्र, विपश्यना केंद्र, ईको-फ्रेंडली हट्स, आकर्षक लैंडस्केपिंग, पार्किंग, कैफेटेरिया तथा अन्य आधुनिक पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    वहीं, प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर सरोत्तर झील को ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए बोटिंग, पार्क और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

    बैठक में पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सरोत्तर झील के विकास का प्रस्ताव रखते हुए स्तूप के समग्र विस्तार के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, जिस पर सहमति बनी।

    मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक ने जेन पार्क, चिल्ड्रेन पार्क और ध्यान केंद्र विकसित करने का सुझाव दिया, जबकि चकिया के अनुमंडल पदाधिकारी ने विपश्यना केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।

    अपर मुख्य सचिव ने दोनों प्रस्तावों पर सहमति जताते हुए उन्हें मास्टर प्लान में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्त्वविद् हरि ओम शरण, मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, मोतिहारी वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।