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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    KK Pathak का एक और बड़ा फैसला! सभी जिलों के DM को दे दिए ये आदेश, 31 जनवरी है डेडलाइन

    By Dina Nath SahaniEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Wed, 22 Nov 2023 08:55 PM (GMT+05:30)

    बिहार शिक्षा विभाग के मुख्य अपर सचिव केके पाठक ने सभी जिलों के डीएम को आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में छात्र कोष व विकास कोष में जमा 1 ...और पढ़ें

    KK Pathak का एक और बड़ा फैसला! सभी जिलों के DM को दे दिए ये आदेश, 31 जनवरी है डेडलाइन
    KK Pathak का एक और बड़ा फैसला! सभी जिलों के DM को दे दिए ये आदेश, 31 जनवरी है डेडलाइन

    HighLights

    1. 31 जनवरी तक विद्यालयों में जमा राशि को करें खर्च : केके पाठक
    2. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी को दिया आदेश
    3. विद्यालयों में छात्र कोष व विकास कोष में जमा 1200 करोड़ राशि खर्च नहीं हुई तो सरकारी खजाने में जमा होगी

    राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के माध्यमिक विद्यालयों के छात्र कोष और विकास कोष में जमा 1200 करोड़ रुपये की राशि खर्च नहीं हुई तो 15 लाख से अधिक सारी राशि सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।

    इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने बुधवार को सभी जिलाधिकारी को आदेश दिया कि 31 जनवरी 2024 तक संबंधित राशि को विद्यालयों में शैक्षणिक आधारभूत संरचना पर खर्च करना सुनिश्चित करें।

    केके पाठक ने कर दिया साफ

    केके पाठक ने साफ कर दिया है कि यह अंतिम मोहलत है, क्योंकि शिक्षा विभाग पहले भी संबंधित राशि को खर्च करने का निर्देश दे चुका है। केके पाठक ने सभी जिलाधिकारी से कहा है कि छात्र कोष और विकास कोष की राशि माध्यमिक विद्यालयों द्वारा खर्च नहीं की जा रही है।

    उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग स्कूलों की चहारदीवारी निर्माण, कमरों का निर्माण, शौचालय की सफाई-मरम्मति, फर्नीचर खरीद, साइकिल स्टैंड बनाने आदि विकास कार्यों में करने का निर्देश दिया गया था।

    केके पाठक ने कहा कि कुछ ऐसे भी माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनके छात्र कोष और विकास कोष में एक करोड़ से अधिक राशि पड़ी हुई है। इन विद्यालयों को अपने आसपास पोषक क्षेत्र के अन्य विद्यालयों में भी राशि देनी है। संबंधित जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि छात्र कोष और विकास कोष की राशि विभाग द्वारा चिह्नित प्राथमिकता वाले कार्य में खर्च करें। कई माध्यमिक विद्यालय ऐसे भी हैं, जिनके द्वारा विभिन्न कार्य इस मद की राशि से किए जा रहे हैं।

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