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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' लालू पर भड़के JDU नेता ललन सिंह; जाति जनगणना पर तेजस्वी को दी ये चुनौती

    Updated: Sat, 03 May 2025 02:58 PM (IST)

    जदयू नेता ललन सिंह ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को जाति आधारित जनगणना का श्रेय लेने पर चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने कभी संसद में इसक ...और पढ़ें

    ललन सिंह ने तेजस्वी यादव को दी चुनौती
    ललन सिंह ने तेजस्वी यादव को दी चुनौती

    HighLights

    1. जाति जनगणना के केंद्रे के फैसले पर बिहार में मचा सियासी घमासान
    2. जदयू नेता ललन सिंह ने लाली यादव और तेजस्वी को दी खुली चुनौती

    राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: जदयू के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को जाति आधारित गणना का श्रेय ले रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को खुली चुनौती दी। ललन सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद सांसद रहे और केंद्र में मंत्री भी पर लोकसभा में कभी जाति आधारित जनगणना कराने की मांग नहीं की।

    ललन सिंह ने दी चुनौती

    ललन सिंह ने तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वह ऐसा एक भी वीडियो दिखाएं जिसमें लालू प्रसाद ने संसद में जाति आधारित जनगणना कराए जाने की मांग की हो। वहीं नीतीश कुमार ने संसद में जाति आधारित जनगणना कराए जाने की मांग लगातार रखी।

    2011 में नीतीश कुमार ने की मांग

    नीतीश कुमार 2011 में वीपी सिंह से मिले थे और इस बारे में मांग की थी। वीपी सिंह ने तब कहा था कि अब जनगणना शुरू हो चुकी है। इसलिए अभी यह नहीं हो सकता। नीतीश कुमार जाति आधारित जनगणना के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।

    ललन सिंह ने कहा कि केंद्र में डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार उन दिनों लालू प्रसाद के समर्थन से थी। वर्ष 2005 के फरवरी में जब बिहार विधानसभा का चुनाव हुआ तो लोजपा के विधायकों की मदद से नीतीश कुमार सरकार बनाने जा रहे थे।

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    लालू यादव के कहने पर बिहार में लगा राष्ट्रपति शासन

    तब केंद्र में लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। वह रात दो बजे डॉ. मनमोहन सिंह के पास पहुंच गए और इस जिद पर अड़ गए कि बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। ऐसा नहीं होने पर वह सरकार गिरा देंगे। सुबह छह बजते-बजते बिहार में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

    उन दिनों राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मास्को के दौरे पर थे। उन्हें केंद्र सरकार ने मास्को में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा का फैक्स भेजा और वहां से उनके हस्ताक्षर मंगवाए। अपनी इस तरह की ताकत का इस्तेमाल लालू प्रसाद ने जाति आधारित जनगणना कराए जाने के लिए नहीं किया।

    क्रेडिट लेना चाहते हैं लालू: ललन सिंह

    अब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाति आधारित जनगणना कराए जाने का निर्णय लिया तो खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह लालू प्रसाद हो-हो कर रहे हैं। लालू प्रसाद कौन सा क्रेडिट लेना चाहते हैं, यह हमारे समझ से बाहर है। लालू प्रसाद का एजेंडा तो परिवारवाद का रहा है।

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