जिस बंगले से तय होती थी बिहार की सियासत: 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड से लालू परिवार की विदाई, कौटिल्यनगर शिफ्ट
लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने 20 वर्षों बाद पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड का सरकारी आवास खाली कर दिया है, जो बिहार की राजनीति का अहम केंद्र रहा था। अ ...और पढ़ें

10 सर्कुलर रोड आवास को लालू परिवार ने किया खाली।
HighLights
लालू-राबड़ी ने 20 साल बाद 10 सर्कुलर रोड आवास छोड़ा।
यह आवास बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
परिवार अब कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की राजनीति का लंबे समय तक अहम केंद्र रहा पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड गुरुवार को एक बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और पूर्व CM राबड़ी देवी ने आखिरकार यह सरकारी आवास खाली कर दिया। दोनों अब पटना के कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी आवास में शिफ्ट हो गए हैं।
भवन निर्माण विभाग का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, इसलिए बंगला हैंडओवर नहीं हुआ है। बंगले पर केयर टेकर रह गया है। सरकार का कोई प्रतिनिधि आए, तो बंगला हवाले कर वह भी निकल लेगा।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले ही अपने परिवार के साथ 1 पोलो रोड स्थित नए सरकारी आवास में शिफ्ट हो चुके हैं।
इसके साथ ही करीब 20 वर्षों तक बिहार की राजनीति का केंद्र रहे 10 सर्कुलर रोड से लालू परिवार का अध्याय औपचारिक रूप से समाप्त हो गया।
2006 से रहा राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र
10 सर्कुलर रोड का यह सरकारी बंगला वर्ष 2006 में राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद आवंटित किया गया था।
तब से यह आवास राजद की राजनीतिक गतिविधियों, रणनीतिक बैठकों और कई महत्वपूर्ण फैसलों का प्रमुख केंद्र रहा।इसी आवास से पार्टी की चुनावी रणनीतियां बनीं।
कई अहम राजनीतिक बैठकें हुईं और यहीं रहते हुए तेजस्वी यादव ने वर्ष 2015 में पहली बार बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसलिए इस बंगले को राजद की राजनीति का प्रतीक भी माना जाता रहा है।
चार नोटिस के बाद खाली किया आवास
भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को सरकारी आवास खाली करने के लिए चार बार नोटिस जारी किया था। अंतिम नोटिस 22 जून को जारी करते हुए सात दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया गया था।
विभाग ने स्पष्ट किया था कि निर्धारित समय सीमा के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 29 जून को भी सामान शिफ्टिंग होती रही।
इसी दौरान राबड़ी देवी के पीए ने विभाग को पत्र लिखा। 5 जुलाई तक अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था। इसके बावजूद गुरुवार को लालू परिवार ने आवास खाली कर दिया।
आवास खाली करने से पहले राबड़ी देवी ने कहा था आवास आवंटन के समय सरकारी सामानों की जो सूची उन्हें दी गई थी, उसका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित हो चुका है आवास
राज्य सरकार पहले ही 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी आवास का आवंटन मंत्री नंदकिशोर राम के नाम कर चुकी है। हालांकि, राबड़ी देवी के कब्जे में रहने के कारण अब तक उन्हें इसका भौतिक कब्जा नहीं मिल पाया था।
39 हार्डिंग रोड का बंगला अभी पूरी तरह तैयार नहीं
सरकार ने राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित नया सरकारी आवास आवंटित किया है, लेकिन वहां अभी निर्माण और साज-सज्जा का कार्य जारी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार करीब 70 प्रतिशत काम पूरा हुआ है।
अभी कई कमरों में पेंटिंग, फर्नीचर, एयर कंडीशनर की स्थापना और परिसर की साफ-सफाई का कार्य शेष है। लालू प्रसाद यादव के लिए तैयार किए जा रहे विशेष कमरे में भी इंटीरियर का काम पूरा नहीं हुआ है।
राजनीतिक रूप से खास रहा 10 सर्कुलर रोड
करीब दो दशकों तक 10 सर्कुलर रोड केवल एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।
सत्ता और विपक्ष, दोनों दौर में यह बंगला लगातार राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना रहा। अब लालू परिवार के यहां से विदा होने के साथ ही इस पते से जुड़ा बिहार की राजनीति का एक लंबा अध्याय भी समाप्त हो गया।