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फरक्का बैराज विवाद पर लालू यादव ने जेडीयू नेता को बताया 'नौसिखिया', नीतीश की नीति पर उठाए सवाल

Published: Sat, 22 Aug 2026 04:37 PM (IST)

लालू प्रसाद यादव ने फरक्का जल समझौते पर जेडीयू के संजय झा को 'नौसिखिया' बताया, आरोप लगाया कि उन्हें ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी नहीं है।

HighLights

  1. लालू ने संजय झा को फरक्का समझौते पर 'नौसिखिया' कहा।

  2. आरजेडी ने फरक्का बैराज का संसद-सड़क तक विरोध किया।

  3. संजय झा ने लालू पर 1996 में विरोध न करने का आरोप।

डिजिटल डेस्क, पटना। अंतरराष्ट्रीय फरक्का जल समझौते को लेकर बिहार की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के कार्यकारी प्रमुख संजय झा पर निशाना साधते हुए उन्हें राजनीति का 'नौसिखिया' करार दिया है।

लालू यादव ने नाम लिए बिना कहा कि जेडीयू नेता को ऐतिहासिक और भौगोलिक तथ्यों की सही जानकारी नहीं है और वे बिना सोचे-समझे फरक्का संधि पर बयानबाजी कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर पोस्ट किया वीडियो

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल स्थित फरक्का बैराज से बिहार को होने वाले नुकसान का अंदाजा उनकी पार्टी ने काफी पहले ही लगा लिया था। इसी वजह से संसद से लेकर सड़क तक आरजेडी ने हमेशा इस बैराज का मुखर विरोध किया।

सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए लालू यादव ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन में कभी दूरगामी मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया और संसद में फरक्का के मसले पर हमेशा चुप्पी साधे रखी।

आरजेडी सुप्रीमो ने जेडीयू नेतृत्व को सलाह दी कि वे बयान देने से पहले बिहार जल संसाधन विभाग के दस्तावेजों, गंगा में पानी की उपलब्धता के आंकड़ों और बांग्लादेश के साथ हुई संधि के प्रभावों का अध्ययन करें। साथ ही उन्होंने तत्कालीन सिंचाई मंत्री जगदानंद सिंह द्वारा केंद्र सरकार को लिखे गए पत्रों को पढ़ने की भी नसीहत दी।

लालू यादव ने संसद के भीतर दिए गए अपने एक पुराने भाषण का वीडियो साझा करते हुए याद दिलाया कि उन्होंने इस संधि को देशहित के खिलाफ बताते हुए इसे रद करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि इस फैसले से गंगा का बड़ा हिस्सा बांग्लादेश को दे दिया गया, जिससे बिहार के भविष्य के खतरों को अनदेखा किया गया।

संजय झा ने लालू पर साधा था निशाना

दूसरी तरफ, जेडीयू के राज्यसभा सांसद संजय झा लगातार फरक्का बैराज के दुष्परिणामों का मुद्दा उठा रहे हैं। संजय झा का तर्क है कि 1996 में जब केंद्र की संयुक्त मोर्चा सरकार ने बांग्लादेश के साथ यह समझौता किया था, तब लालू यादव केंद्र में एक प्रभावशाली नेता थे।

झा का आरोप है कि अगर उस समय बिहार सरकार ने इस समझौते का मजबूती से विरोध किया होता, तो आज राज्य को बीते तीन दशकों से बाढ़ और सुखाड़ की दोहरी मार न झेलनी पड़ती। दोनों दलों के बीच इस पुराने जल समझौते को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

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