यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पटना एम्स सुसाइड केस : कौन है वो जो मेरे बेटा को जवानी में खा गई... रोते हुए पूछ रही पीजी के छात्र की मां
Patna AIIMS Suicide Case बिहार की राजधानी पटना में एम्स में हरियाणा के रहने वाले एक डॉक्टर के सुसाइड करने का मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलने बा ...और पढ़ें

HighLights
- पटना एम्स के कमरे में सुसाइड करने वाले पीजी छात्र नीलेश के माता-पिता पहुंचे
- अपने जवान बेटे नीलेश कुमार का शव देख दोनों दहाड़ मारकर रोते रहे मां-बाप
Patna AIIMS Suicide Case : जागरण संवाददाता, पटना। पटना एम्स में पीजी के छात्र डॉक्टर नीलेश कुमार की मौत की खबर पाकर उनके पिता और माता एम्स पहुंचे। जवान बेटे का शव देख दोनों दहाड़ मारकर रोने लगे।
माता-पिता यह जानना चाह रहे थे और कह रहे थे कि आखिर वह कौन थी जो उनके बेटे को जवानी में ही खा गई? मां बार-बार यह शब्द बोल रही थी। मगर इस बात की जानकारी नीलेश के सहपाठी, दोस्त, मां-पिता किसी को नहीं थी कि वह कौन थी?
चार पन्ने का सुसाइड नोट मिला
कमरे से चार पन्ने का एक नोट मिला है। उस नोट का हर एक शब्द उस दर्द का बयान कर रहा था। नीलेश को इश्क में धोखा मिला और उस धोखे से वह बुरी तरह टूट गया था।
उसने नोट में इस बात की चर्चा की है कि जब वह नहीं रही तो वह जिंदा रह कर क्या करेगा? वह उसके बिना नहीं रह सकता और अपनी जीवन लीला को समाप्त कर रहा है।
उसने मौत से मिलने के लिए जहर का इंजेक्शन अपने आपको शरीर में लगा लिया था। कमरे से इंजेक्शन एफएसएल की टीम ने बरामद किया है।
हरियाणा का रहने वाला था नीलेश
डॉक्टर नीलेश कुमार पिता राजकुमार मूल रूप से गुरुग्राम हरियाण के रहने वाले थे। राजकुमार के दो पुत्र और दो पुत्री में नीलेश कुमार सबसे बड़ा था।
घटना की जानकारी लगने के साथ माता-पिता दोनों एम्स में शनिवार की सुबह पहुंचे, जहां वह डीन से मिले। बेटे की मौत से मां-पिता परेशान थे। वहीं, जिस कमरे में नीलेश रहता था, उस कमरे में एफएसएल की टीम ने गहन छानबीन की।
कमरे से मिला इंजेक्शन
एफएसएल की टीम को एक इंजेक्शन मिला। नीलेश ने आत्महत्या करने के लिए इस इंजेक्शन का प्रयोग किया था। उसे जांच के लिए रखा गया है। वहीं, पुलिस की छानबीन में चार पन्ने का एक सोसाइड नोट मिला।
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पुलिस को मिले सुसाइड नोट में एक युवती का जिक्र है, परंतु कोई नाम नहीं लिखा है। हालांकि, एक अन्य कागजात में एक युवती का नाम पुलिस को हाथ लगा। परंतु वह स्पष्ट नहीं था।
कॉल डिटेल उठा सकती है युवती के नाम से पर्दा
थानाध्यक्ष शफीर आलम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया गया है। डॉक्टर नीलेश के मोबाइल को जांच के दायरे में रखा गया है। कॉल विवरणी के बाद मामले से जुड़ी और जानकारियां सामने आएंगी।