यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics: 'मुकेश सहनी निषाद जाति से हैं, इसलिए तेजस्वी को...'; RJD नेता की टाइमिंग पर भड़की JDU
जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को अति पिछड़ा करार दिया है। नीरज कुमार ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि मुकेश सहनी के पिता के हत् ...और पढ़ें

HighLights
- जदयू ने तेजस्वी को अति पिछड़ा विरोधी करार दिया है।
- जदयू प्रवक्ता ने कहा- जीतन सहनी मामले में तेजस्वी ने 14 घंटे बाद प्रतिक्रिया दी
- नीरज ने तेजस्वी से पूछा कि इन दिनों वे कहां हैं?
राज्य ब्यूरो, पटना। जदयू के मुख्य प्रवक्ता एवं पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को अति पिछड़ा विरोधी करार दिया है।
उन्होंने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) के पिता जीतन सहनी के हत्यारों को पकड़ने के लिए पुलिस तुरंत सक्रिय हुई। हत्यारे पकड़े भी गए, लेकिन इस हत्या पर प्रतिक्रिया देने में तेजस्वी को 14 घंटे लग गए।
'तेजस्वी को इतना समय इसलिए लगा...'
उन्होंने कहा कि तेजस्वी को इतना समय इसलिए लगा क्योंकि मुकेश सहनी निषाद हैं। अति पिछड़े समुदाय के हैं।
नीरज ने तेजस्वी से पूछा कि इन दिनों वे कहां हैं? वह राजकोष से वेतन लेते हैं, इसलिए आम जनता को उनका पता-ठिकाना जानने का अधिकार है।
बिहार की गलियों में गूंज रही गोलियों की आवाज- शक्ति
जदयू प्रवक्ता पर पलटवार करते हुए राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा है कि बिहार अपराधियों की चपेट में है। राज्य का हर इलाका अपराधियों की गोलियों से कांप उठा है। आम आदमी चाहे कोई भी हो सुरक्षित नहीं। अब तो नेताओं के परिजन भी अपराधियों के गोलियों के शिकार हो रहे हैं।
'भाजपा के विधायक भी डर रहे हैं'
शक्ति सिंह ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि विपक्ष जब आईना दिखाता है तो सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े हुए लोगों को मिर्ची लगती है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान शासनकाल में अपराध ज्यादा बढ़े हैं। अब भाजपा का विधायक खुद कह रहा है कि डर लग रहा है। कहां है कानून का राज?
उन्होंने कहा कि महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल कह रहे हैं कि बिहार पुलिस पर अब भरोसा नहीं है। बिहार में किसी की भी हत्या कभी भी हो सकती है। बिहार का शासक थका हुआ, अचेत अवस्था में है। यहां रिटायर्ड अधिकारी शासन चला रहे हैं। बिहार में अपराध कंट्रोल इनसे नहीं हो सकता है।