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    नवादा से पटना पहुंचे स्‍कूल से निष्कासित बच्‍चे; आर ब्लॉक पर भूखे-प्यासे धरना, बोले- हमें न्याय चाहिए

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 03:32 PM (IST)

    नवादा के राजकीय आंबेडकर आवासीय विद्यालय के छात्रों ने खराब भोजन के विरोध में निष्कासन का आरोप लगाते हुए पटना में धरना दिया। वे न्याय और दोबारा विद्याल ...और पढ़ें

    जागरण संवाददाता, पटना। नवादा जिले के रजौली अनुमंडल मुख्यालय स्थित राजकीय आंबेडकर आवासीय विद्यालय का विवाद अब राजधानी पटना तक पहुंच गया है।
     
    विद्यालय से निष्कासित किए जाने का आरोप लगाने वाले 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र रविवार सुबह पटना पहुंचे और आर ब्लॉक के पास धरना पर बैठ गए।
     
    छात्रों का आरोप है कि छात्रावास में मिलने वाले खराब भोजन का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और बाद में उन्हें विद्यालय से निकाल दिया गया।

    सुबह ट्रेन से पहुंचे पटना 

    छात्रों के अनुसार वे रविवार सुबह करीब पांच बजे ट्रेन से पटना पहुंचे। राजधानी पहुंचने के बाद सभी आर ब्लॉक के समीप धरने पर बैठ गए। भूखे-प्‍यासे बच्‍चे वहीं पर सो भी गए। 

    उन्होंने सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए कहा कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें दोबारा विद्यालय में पढ़ाई का अवसर मिले।

    धरने के दौरान छात्रों ने 'हमें न्याय चाहिए', 'छात्रों के साथ जाति आधारित भेदभाव बंद करो' और 'दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करो' जैसे नारे लगाए।

    छात्रों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से अपनी शिकायत अधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।

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    पहले नवादा समाहरणालय में भी किया था प्रदर्शन

    इससे पहले शनिवार को भी छात्र नवादा समाहरणालय पहुंचे थे। वहां मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर उन्होंने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    प्रदर्शन की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और छात्रों से पूरे मामले की जानकारी ली। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास के मेस में लंबे समय से खराब गुणवत्ता का भोजन परोसा जा रहा था।

    कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। जब छात्रों ने इसका विरोध किया और इसकी शिकायत प्रखंड कल्याण पदाधिकारी से की, तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही अनुशासनहीन और उद्दंड करार दे दिया गया।

    16 छात्रों को छात्रावास से निकाले जाने का आरोप

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि विरोध के बाद विद्यालय प्रबंधन ने करीब 16 छात्रों को छात्रावास से निष्कासित कर दिया। उनका कहना है कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और भविष्य अधर में लटक गया है।

    छात्रों ने विद्यालय के प्राचार्य, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, शारीरिक शिक्षक समेत अन्य शिक्षकों के व्यवहार और कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए।

    उनका आरोप है कि शिकायत करने वाले छात्रों को प्रताड़ित किया गया और उनकी बात सुनने के बजाय दंडात्मक कार्रवाई की गई।

    जिला प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

    पूरे मामले पर नवादा के जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन कुमार ने कहा कि मामला संवेदनशील है। छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाएगी।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, छात्र अब राज्य सरकार और संबंधित विभाग से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा निष्कासित छात्रों को पुनः विद्यालय में प्रवेश दिलाने की मांग कर रहे हैं।

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