NTA ने रद की NEET UG परीक्षा, अब आगे क्या होगा? बिहार से इस बार आए थे सबसे अधिक आवेदन
प्रश्न पत्र लीक होने के कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी है, जिससे 22.79 लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। बिहार से इस परी ...और पढ़ें

नीट यूजी एग्जाम कैंसिल होने से छात्रों में निराशा।
HighLights
एनटीए ने नीट यूजी परीक्षा रद्द की।
प्रश्न पत्र लीक होने के कारण लिया गया निर्णय।
बिहार से सर्वाधिक 1.65 लाख आवेदन थे।
जागरण संवाददाता, पटना। NEET UG Cancelled: डॉक्टर बनने की चाहत लिए इस बार नीट यूजी में शामिल 22.79 लाख अभ्यर्थियों को मंगलवार को बड़ी निराशा हाथ लगी।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रश्न पत्र लीक होने के मामले में तीन मई को संपन्न नीट यूजी को रद कर दिया है। बिहार से इसबार सबसे अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था।
35 जिलों में 142 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा
अकेले पटना में सर्वाधिक 96 केंद्रों पर अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। प्रदेश में 12 सरकारी और 10 निजी मेडिकल कालेज हैं।
5 प्वाइंट में समझें आगे का मामला
- CBI करेगी पेपर लीक कांड की जांच
- छात्रों का पुराना रजिस्ट्रेशन होगा मान्य, परीक्षा केंद्र के विकल्प भी रहेंगे मान्य
- दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं
- नीट परीक्षार्थियों को दोबारा नहीं देना होगा परीक्षा शुल्क
2680 सीटों पर एमबीबीएस में होना था दाखिला
सरकारी कालेजों में एमबीबीएस और डेंटल को मिला लगभग 1630 सीटें और निजी कालेजों में 1050 सीटें हैं। इस तरह कुल 2680 से अधिक एमबीबीएस सीटों पर दाखिले होने थे।
एनएमसीएच (NMCH) आइजीआइएमएस (IGIMS), दरभंगा मेडिकल कालेज (DMCH), एसकेएमसीएच (SKMCH) मुजफ्फरपुर और एएनएमसीएच (ANMCH) गया प्रमुख सरकारी संस्थान हैं।
डेंटल, आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी कोर्सेज में भी नीट स्कोर के आधार पर परीक्षा के माध्यम से छात्रों को प्रवेश दिया जाना था।
जिनकी परीक्षा अच्छी गई थी, उन छात्रों में इस निर्णय से काफी निराशा है। उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। उनमें मायूसी पसर गई है। अब ऐसे छात्र एनटीए के अगले निर्णय पर टकटकी लगाए बैठे हैं कि अगला निर्णय क्या होता है।