यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amit Shah Statement: 'नीतीश-लालू का संबंध तेल और पानी की तरह', फिर चर्चा में आया अमित शाह का पुराना बयान
भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. कन्हैया सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बहुत पहले कह दिया था कि नीतीश कुमार व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के ब ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. कन्हैया सिंह ने कहा है कि एनडीए में सम्मिलित होने के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 'सुशासन बाबू' की पुरानी छवि लौटने लगी है। अब तीव्र गति से राज्य का विकास होगा। कानून व्यवस्था की स्थिति भी सुधर जाएगी। महागठबंधन के दलों और खासकर राजद ने नीतीश कुमार को असहज कर दिया था।
उन्होंने कहा कि राजद जल्द से जल्द सत्ता पर कब्जा करना चाह रहा था। सरकार में सम्मिलित राजद कोटे के मंत्री मनमानी कर रहे थे। उनके विभागों से भ्रष्टाचार की भी शिकायतें आ रही थीं।
'तेल और पानी की तरह है नीतीश-लालू का संबंध'
उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने बहुत पहले कह दिया था कि नीतीश कुमार व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बीच का संबंध तेल एवं पानी की तरह है। दोनों कभी एकसाथ नहीं मिल सकते हैं। गृह मंत्री का कथन सही साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब सहज भाव से सत्ता का संचालन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास की राजनीति करते हैं। विकास और सुशासन ही दोनों का प्रथम और अंतिम लक्ष्य है।
लालू-राबड़ी राज में नहीं दिया गया किसी को आरक्षण- राजीव रंजन
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने मंगलवार को कहा कि आरक्षण के नाम पर राजद नेता सिर्फ हल्ला मचाते हैं। सच यह है कि उनके 15 वर्षों को शासनकाल में न तो जातियों की किसी भी प्रकार की गणना हुई और न ही पहले से चले आ रहे आरक्षण में किसी प्रकार की बढ़ोतरी की गई। लालू-राबड़ी शासन काल में जमीन के बदले सरकारी नौकरी दिए जाने के चलन से आम लोगों को तो पहले से चल आ रहे आरक्षण का लाभ भी सही ढंग से नहीं मिल सका।
उन्होंने कहा कि हकीकत में इनके लिए आरक्षण हमेशा से केवल जनता को बहकाने और उनके वोटों की खेती करने का औजार भर रहा है। राजीव रंजन ने कहा कि आरक्षण पर लंबी-लंबी हांकने वाले राजद के नेताओं को यह जान लेना चाहिए कि बिहार में सिर्फ कर्पूरी ठाकुर और नीतीश कुमार ही ऐसे राजनेता हुए हैं जिन्होंने हर वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया।