Nitish Kumar: अप्रैल का ‘पावर कनेक्शन’: नीतीश कुमार के सियासी सफर में फिर दिखा बड़ा टर्निंग प्वाइंट
Bihar News: नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन में अप्रैल महीने का विशेष महत्व रहा है। 1990 में पहली बार केंद्रीय मंत्री बनने से लेकर 2016 में शराबबंदी लागू ...और पढ़ें
HighLights
अप्रैल 1990 में पहली बार केंद्रीय मंत्री बने।
अप्रैल 2016 में बिहार में शराबबंदी लागू की।
इस अप्रैल राज्यसभा में एंट्री, CM पद से विदाई संभव।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की सियासत में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार की हो रही है। इसके साथ ही एक अनूठे संयोग की भी चर्चा है वह है 'अप्रैल' और नीतीश कुमार का पुराना रिश्ता।
एक बार फिर यही महीना उनके राजनीतिक जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आता दिख रहा है। वे 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे और 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे।
इसके बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा और 15 अप्रैल या उसके तुरंत बाद नई सरकार के गठन की संभावना जताई जा रही है।
बिहार के लिए भी अप्रैल अहम
नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर पर नजर डालें तो अप्रैल बार-बार टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ है।
- अप्रैल 1990 - पहली बार केंद्र में मंत्री बने
- 5 अप्रैल 2016- बिहार में शराबबंदी लागू कर बड़ा सामाजिक-राजनीतिक फैसला
- अप्रैल 2026 -राज्यसभा की एंट्री और CM पद से संभावित विदाई
यानी, अप्रैल उनके लिए महज कैलेंडर का महीना नहीं, बल्कि सत्ता और रणनीति बदलने का समय रहा है।
‘खरमास’ में फैसला, सियासी संदेश अलग
दिलचस्प यह है कि आमतौर पर खरमास में बड़े फैसलों से बचा जाता है, लेकिन Nitish Kumar इसी अवधि में राज्यसभा की सदस्यता लेने जा रहे हैं।
इसे परंपरा से अलग जाकर राजनीतिक प्राथमिकता को आगे रखने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अप्रैल फिर बना निर्णायक
1990 में राजनीतिक शुरुआत का बड़ा पड़ाव तो 2016 में ऐतिहासिक फैसला और 10 साल बाद सत्ता परिवर्तन भी अप्रैल में हो रहा है।
नीतीश के लिए अप्रैल एक बार फिर साबित कर रहा है कि यह महीना उनके राजनीतिक जीवन का सबसे निर्णायक अध्याय लिखता है।