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    'हम तो जेडीयू में हैं...' नीतीश से मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने दिए बड़े संकेत, क्या है इनसाइड स्टोरी और सियासी मायने

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 06:22 PM (IST)

    पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की, जिससे उनकी जदयू में संभावित वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं। आरसीपी सि ...और पढ़ें

    चार साल बाद बदली सियासी तस्वीर

    चार साल बाद बदली सियासी तस्वीर

    HighLights

    1. आरसीपी सिंह ने चार साल बाद नीतीश कुमार से मुलाकात की।

    2. उन्होंने "हम तो जेडीयू में हैं" कहकर वापसी के संकेत दिए।

    3. यह मुलाकात जदयू के कुर्मी वोट बैंक के लिए महत्वपूर्ण है।

    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। लंबे समय से दोनों नेताओं के बीच चली आ रही दूरी के बाद हुई इस मुलाकात ने एक बार फिर आरसीपी सिंह की जेडीयू में संभावित वापसी की चर्चाओं को हवा दे दी है।

    हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    चार साल बाद बदली सियासी तस्वीर

    आरसीपी सिंह कभी नीतीश कुमार के सबसे करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे, लेकिन वर्ष 2022 में दोनों के रिश्तों में आई खटास के बाद उन्होंने जेडीयू छोड़ दी थी।

    इसके बाद उन्होंने अलग राजनीतिक राह अपनाई और बाद में जन सुराज से भी जुड़े, लेकिन वहां भी उनकी सक्रियता ज्यादा दिन नहीं रही।

    अब नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नए कयास लगाए जा रहे हैं।

    'हम तो जेडीयू में हैं' बयान से बढ़ीं चर्चाएं

    मुलाकात के बाद आरसीपी सिंह ने कहा, 'हम तो जेडीयू में हैई हैं मानकर चलिए न... इंतजार कीजिए, समय-काल पर छोड़ दीजिए।'

    उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में घर वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने औपचारिक तौर पर पार्टी में वापसी की घोषणा नहीं की।

    कुर्मी वोट बैंक पर भी टिकी हैं नजरें

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में कुर्मी समाज जेडीयू का अहम आधार रहा है। ऐसे में आरसीपी सिंह जैसे प्रभावशाली कुर्मी नेता की वापसी से पार्टी अपने पारंपरिक सामाजिक समीकरण को मजबूत करने की कोशिश कर सकती है।

    आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुलाकात राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं

    सियासी गलियारों में यह चर्चा भी है कि पिछले कुछ समय से आरसीपी सिंह नीतीश कुमार से मिलने की कोशिश कर रहे थे।

    कुछ राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि इस मुलाकात की पृष्ठभूमि तैयार करने में कई स्तरों पर बातचीत हुई। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन्हें केवल राजनीतिक चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।

    पहली मुलाकात में नहीं दिखी ज्यादा राजनीतिक गर्मजोशी

    बताया जा रहा है कि आवास पर आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार का अभिवादन किया, जिसके बाद दोनों की संक्षिप्त मुलाकात हुई।

    इस दौरान कोई लंबी राजनीतिक बातचीत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई। हालांकि दोनों नेताओं का एक फ्रेम में नजर आना ही बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया।

    आगे क्या होगा, इस पर टिकी हैं निगाहें

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आरसीपी सिंह की जेडीयू में औपचारिक वापसी होगी या नहीं। लेकिन हालिया मुलाकात और उनके सार्वजनिक बयान ने इतना जरूर संकेत दिया है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद फिर से शुरू हो चुका है।

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    अब आने वाले दिनों में जेडीयू की रणनीति और आरसीपी सिंह की अगली राजनीतिक चाल पर सभी की नजर रहेगी।

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