'पिता CM, अब बेटा मंत्री?', मांझी के बयान से निशांत की एंट्री के संकेत; नीतीश रहेंगे साक्षी
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने निशांत कुमार के मंत्री बनने का समर्थन किया है, उनके परिश्रम और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के उदाहरण का हवाला दिया। मांझ ...और पढ़ें

निशांत कुमार
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर Nishant Kumar मंत्री बनते हैं तो इसमें गलत क्या है। मांझी ने साफ कहा कि निशांत लगातार मेहनत कर रहे हैं।
वे लोगों से मिल रहे हैं और सक्रिय हैं। ऐसे में उनका राजनीति में आना स्वाभाविक है। उन्होंने निशांत का स्वागत भी किया।
सदस्यता पर उठे सवालों का जवाब
निशांत के किसी सदन के सदस्य न होने पर भी सवाल उठे। इस पर मांझी ने कहा कि यह कोई नई बात नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि Upendra Kushwaha के बेटे भी इसी तरह मंत्री बने थे। इसलिए इसे मुद्दा बनाना सही नहीं है।
उन्होंने कहा कि नियमों के तहत यह संभव है। राजनीति में ऐसे उदाहरण पहले भी रहे हैं।
तेजस्वी पर साधा निशाना
मांझी ने Tejashwi Yadav के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें अपने घर को देखना चाहिए।
मांझी ने Lalu Prasad Yadav के परिवार का जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि उनके परिवार के कितने लोग राजनीति में हैं।
इस बयान से सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष और सत्ता पक्ष में बयानबाजी तेज हो गई है।
हिस्सेदारी पर भी रखी अपनी बात
कैबिनेट में हिस्सेदारी को लेकर भी मांझी से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि हर दल बराबरी चाहता है।
उन्होंने Chirag Paswan का जिक्र किया। कहा कि बराबर हिस्सेदारी मिलना स्वाभाविक इच्छा है।
लेकिन उनकी पार्टी अनुशासित है। जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, उसे स्वीकार किया जाएगा।
‘हम अनुशासित दल हैं’
मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी अनुशासन में विश्वास करती है। उन्हें जितने मंत्री पद मिलेंगे, वे उससे संतुष्ट रहेंगे।
उन्होंने गठबंधन धर्म निभाने की बात कही। साथ ही कहा कि सरकार को स्थिरता देना जरूरी है।
उनका बयान गठबंधन राजनीति को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बहस और तेज हो सकती है।
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