यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Teachers: 1 लाख 87 हजार Niyojit Sikshak जल्द बनेंगे राज्यकर्मी, जानें कहां तक पहुंची पदस्थापन की प्रक्रिया?
Bihar News सक्षमता परीक्षा पास करने वाले नियोजित शिक्षकों के पदस्थापन की तैयारी तेज हो गई है। शिक्षकों के पदस्थापन के लिए चयनित जिलों में स्कूलों का आ ...और पढ़ें

HighLights
- साफ्टवेयर से होगा सक्षमता परीक्षा में सफल शिक्षकों के विद्यालय आवंटन
- रैंडमाइजेशन की प्रक्रिया से होगा चयनित जिले में आवंटन
- राज्य मुख्यालय में होगी नियोजित शिक्षकों की काउंसलिंग
दीनानाथ साहनी, पटना। बिहार में सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले नियोजित शिक्षकों के पदस्थापन करने की तैयारी तेजी से चल रही है। शिक्षकों के पदस्थापन के लिए चयनित जिले में विद्यालय आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन से होगा। विद्यालय आवंटन के पहले सभी संबंधित शिक्षकों की काउंसलिंग राज्य मुख्यालय में होगी।
शिक्षा विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक, काउंसलिंग में शिक्षकों के उन सभी प्रमाण-पत्रों एवं कागजातों का सत्यापन होगा, जो सक्षमता परीक्षा के आनलाइन फार्म भरते समय दिए गए थे। काउंसलिंग शिड्यूल को तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द जारी किया जाएगा।
सक्षमता परीक्षा में 1 लाख 87 हजार 615 नियोजित शिक्षक सफल हुए हैं। इनमें ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के 5 हजार 313, नौवीं-दसवीं के 20 हजार 354, छठी-आठवीं के 22 हजार 941 और पहली से पांचवीं कक्षा के 1 लाख 39 हजार 10 शिक्षक हैं। ये सभी विशिष्ट अध्यापक बनने वाले हैं।
इन शिक्षकों से सक्षमता परीक्षा का फॉर्म भरते वक्त ही तीन जिलों के विकल्प लिया गया था। शिक्षकों को सक्षमता परीक्षा में प्राप्त अंक एवं आरक्षण के आधार पर जिला आवंटित किया गया है।
योगदान की तिथि से बनेंगे राज्यकर्मी
चयनित जिले में संबंधित शिक्षकों के पदस्थापन के लिए विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की तैयारी हो रही है। आवंटित विद्यालय में योगदान की तिथि से संबंधित शिक्षकों का पदनाम बदल कर विशिष्ट अध्यापक का हो जाएगा। इसके साथ ही योगदान की तिथि से ही इन्हें राज्यकर्मी का दर्जा भी मिल जाएगा।
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सक्षमता परीक्षा में सफल शिक्षकों के विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया वही होगी, जो बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा के आधार पर विद्यालय अध्यापक के पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों के विद्यालय आवंटन के लिए अपनायी गयी थी।
विद्यालय अध्यापकों का विद्यालय आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन के आधार पर हुआ था। इससे यह साफ है कि सक्षमता परीक्षा में सफल नियोजित शिक्षकों का विद्यालय आवंटन भी सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडमाइजेशन के आधार पर होगा।
15 से 22 अप्रैल तक शहरी क्षेत्र के सॉफ्टवेयर में रिक्तियों की एंट्री
शिक्षा विभाग ने राज्य के शहरी क्षेत्र के सॉफ्टवेयर में विद्यालयों में रिक्तियों की विषयवार एंट्री का काम 15 से 22 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश सभी जिलों को दिया है।
15 अप्रैल को पूर्णिया प्रमंडल, 16 अप्रैल को कोशी एवं भागलपुर प्रमंडल, 17 अप्रैल को मुंगेर प्रमंडल, 18 अप्रैल को दरभंगा प्रमंडल, 19 अप्रैल को तिरहुत प्रमंडल, 20 अप्रैल को मगध प्रमंडल, 21 अप्रैल को सारण प्रमंडल एवं 22 अप्रैल को पटना प्रमंडल के जिलों के सरकारी विद्यालयों की विषयवार रिक्तियों की सॉफ्टवेयर में एंट्री होगी।