Schools Closed: गंगा का पानी पटना के सात स्कूलों में घुसा, पढ़ाई बंद
Schools Closed Due to Rising Ganga Water गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मोकामा प्रखंड के सात विद्यालयों को बंद ...और पढ़ें

गंगा के उफान में सात विद्यालय आए चपेट में
HighLights
मोकामा में गंगा के बढ़ते जलस्तर से सात स्कूल बंद।
बच्चों की सुरक्षा हेतु विद्यालयों को अगले आदेश तक बंद किया गया।
पानी उतरने के 24 घंटे में स्कूल फिर से खुलेंगे, शिक्षक अटैच।
संवाद सूत्र, मोकामा(पटना)। Schools Closed Due to Rising Ganga Water मोकामा प्रखंड में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ने लगा है। गंगा का पानी स्कूल परिसरों में घुसने के बाद अधिकारियों ने प्रखंड के सात विद्यालयों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। शनिवार से इन विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई।
गंगा के उफान में सात विद्यालय आए चपेट में
मोकामा में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ के पानी की चपेट में कसहा दियारा मध्य विद्यालय, जंजीरा दियारा मध्य विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय नौरंगा-जलालपुर, मध्य विद्यालय धौरानी टोला, प्राथमिक विद्यालय शिवनार पश्चिमी टोला, प्राथमिक विद्यालय बरहपुर बिंद टोली समेत सात विद्यालय आ गए हैं।
पहले दो स्कूल बंद, शनिवार को पांच और पर ताला
प्रभारी बीईओ अंजनी कुमार ने बताया कि जंजीरा और कसहा दियारा विद्यालय को पहले ही बंद करने का आदेश दिया गया था।
शनिवार को गंगा का पानी बढ़ने के बाद शेष विद्यालयों को भी बंद कर दिया गया। जलभराव के कारण बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
पानी निकलते ही 24 घंटे में खुलेंगे स्कूल
प्रभारी बीईओ ने बताया कि स्कूल परिसर से गंगा का पानी निकलने के बाद विद्यालयों को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पानी निकलने के 24 घंटे के भीतर स्कूल खोलने का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
शिक्षकों को पास के स्कूलों में किया गया अटैच
स्कूल बंद रहने की अवधि में इन विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को आसपास के दूसरे विद्यालयों में अटैच कर दिया गया है। इससे शिक्षकों की सेवाएं प्रभावित न हों और वे नजदीकी स्कूलों में शैक्षणिक कार्य कर सकें।
बच्चों को पास के स्कूल में पढ़ने की सुविधा
विद्यालय बंद रहने के दौरान संबंधित बच्चे अपनी इच्छा से पास के विद्यालयों में जाकर पढ़ाई कर सकते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि बाढ़ के कारण स्कूल बंद होने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित न हो।
