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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट, नए टर्मिनल पर भी आया लेटेस्ट अपडेट

    Updated: Fri, 28 Feb 2025 08:20 PM (IST)

    पटना एयरपोर्ट जिसे जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र भी कहा जाता है 1973 में स्थापित हुआ था। यहां 1999 तक काठमांडू के लिए उड़ानें थीं। एयरप ...और पढ़ें

    पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट (सांकेतिक तस्वीर)
    पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. पटना एयरपोर्ट 1973 में स्थापित हुआ, लेकिन अब तक इसे अंतर्राष्ट्रीय दर्जा नहीं मिला है। रनवे की लंबाई के कारण विदेशी उड़ानों के लिए सेवा शुरू नहीं हो पाई है।
    2. एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है, नए टर्मिनल से 4,500 यात्रियों के एक साथ आवागमन की सुविधा होगी। पार्किंग क्षमता 4 से 14 विमानों तक बढ़ेगी।
    3. पटना एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या दस वर्षों में तीन गुना बढ़ी है, और एयर ट्रैफिक मूवमेंट भी दोगुना हुआ है।

    जागरण संवाददाता, पटना। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र, जिसे पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। वर्ष 1999 तक काठमांडू (नेपाल) के लिए पटना एयरपोर्ट से विमान सेवा थी। दिल्ली-काठमांडू फ्लाइट के हाइजैक होने के बाद से पटना एयरपोर्ट से वहां के लिए विमान सेवा बंद कर दी गईं।

    26 वर्षों से पटना एयरपोर्ट नाम का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन कर रह गया है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) एवं अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आइएटीए) ने अब तक दर्जा नहीं छीना। यही कारण है कि दो दशक बाद इसे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।

    हालांकि, रनवे का विस्तार नहीं किए जाने की वजह से निकटतम भविष्य में पटना एयरपोर्ट से विदेशों के लिए फ्लाइट के उड़ान भरने की संभावना नजर नहीं आती। अलबत्ता, छोटे देश जैसे नेपाल के लिए विमान सेवा फिर से शुरू की जा सकती है। अब भी इस हवाईअड्डा की गिनती घरेलू (डोमेस्टिक) एयरपोर्ट में ही होती है। देशभर के व्यस्ततम हवाईअड्डे में पटना एयरपोर्ट 15वें स्थान पर है। यहां सीमा शुल्क विभाग के भी अधिकारी तैनात हैं।

    क्षेत्रफल में किया गया विस्तार

    वर्ष 2018 में पटना एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना तैयार की गई थी। कोरोनाकाल में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद काम में तेजी आई। पुराना टर्मिनल भवन 7,200 वर्ग मीटर में था। इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर 57 हजार वर्ग मीटर हो जाएगा। इसके कंक्रीट पेव्ड उड़ान पट्टी की लंबाई 6,900 फीट है, जबकि रनवे सात हजार फीट लंबा है। इस वजह से यहां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती।

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    सामान्य तौर पर विमान 2.5 डिग्री के क्षितिज पर लैंड कराए जाते हैं, लेकिन पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण तीन डिग्री क्षितिज पर लैंडिंग करानी पड़ती है। यह जोखिम भरा होता है। दूसरी ओर पटना एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाद रेल पटरी है, जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। मांस-मछली की भी दुकानें हैं। ऐसे में बर्ड-हिट की घटनाएं भी होती हैं।

    बढ़ जाएगी विमानों की आवाजाही

    नए टर्मिनल भवन से यात्रियों की आवाजाही के बाद पुराना टर्मिनल भवन तोड़ा जाएगा। जहां अभी पुराना टर्मिनल है, वहां विमानों की पार्किंग होगी। अभी सिर्फ चार विमान एक साथ खड़े हो सकते हैं। विस्तार के बाद 14 विमानों की पार्किंग संभव है। छह एरोब्रिज भी बनाए जाएंगे।

    सबसे पहले नए एटीसी टावर का संचालन शुरू हुआ। यह बीआइसी परिसर से सटा है। इसके बाद कार्गो टर्मिनल की शुरुआत की गई। मल्टी लेवल पार्किंग बनकर तैयार है, लेकिन नए टर्मिनल भवन से संचालन शुरू होने पर उसका उपयोग किया जाएगा।

    दस वर्षों में तीन गुना हुई यात्रियों की संख्या

    आंकड़ों पर गौर करें तो दस वर्षों में पटना हवाईअड्डे से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या तीन गुना बढ़ गई। वर्ष 2011-12 में यात्रियों की वार्षिक संख्या 10 लाख 21 हजार 544 थी, जो वर्ष 2023-24 में 34 लाख 40 हजार 450 तक पहुंच गई। इसी तरह एयर ट्रैफिक मूवमेंट भी दो गुना बढ़ा है।

    पांच वर्ष पहले तक गो-एयर की सबसे अधिक फ्लाइटें थीं। अब सर्वाधिक फ्लाइटें इंडिगो की हैं। हाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का परिचालन भी यहां से शुरू हुआ है। इससे माल लदान में भी बढ़ोतरी हुई है। दस वर्षों में सबसे अधिक माल ढुलाई 12 हजार 409 मैट्रिक टन दर्ज की गई है।

    अभी 35 से 50 मिनट ही रुक पाते हैं विमान

    • पटना एयरपोर्ट पर कम सुविधाएं होने के कारण विमान 35 से 50 मिनट तक ही रुक पाते हैं। नया टर्मिनल शुरू होने के बाद इसका समय बढ़ जाएगा। इससे ट्रांजिट निरीक्षण, रखरखाव समेत अन्य आवश्यक काम आसान हो जाएंगे।
    • नए टर्मिनल में खास सुविधाएं होंगी, जैसे रात में विमानों का ठहराव, धुलाई और रखरखाव, पार्किंग आदि। विमानों के शौचालय की सफाई के लिए भूमिगत सीवरेज सिस्टम बन गया है।

    अप्रैल में उद्घाटन की तैयारी

    1,216 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अप्रैल में इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। इलेक्ट्रिक का काम सुचारू रहने के साथ सेंट्रलाइज्ड एसी की टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है। हालांकि, लोकापर्ण के एक महीने बाद काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद एयरोब्रिज और पार्किंग बे का निर्माण होगा।

    दीवारों पर पुट्टी का काम लगभग समाप्त कर लिया गया है। लकड़ी का भी चल रहा है। इसके बाद दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग की जाएगी। इस नए टर्मिनल में व्यस्त समय में 4,500 यात्रियों के एक साथ आवागमन की सुविधा होगी। अभी 1,300 यात्री एक साथ आ-जा सकते हैं।

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