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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Patna Aqi: पटना में इस वर्ष 36 दिन प्रदूषण का स्तर रहा खतरनाक, पढ़ें अपने-अपने इलाके का AQI

    By Niraj KumarEdited By: Sanjeev Kumar
    Updated: Wed, 15 Nov 2023 10:32 AM (GMT+05:30)

    बिहार की राजधानी पटना में भी प्रदूषण से लोगों का बुरा हाल है। पटना के कई इलाकों में AQI लेवल काफी हाई हो गया है। शहर में 81 दिन प्रदूषण की मात्रा खरा ...और पढ़ें

    पटना के कई इलाकों में AQI लेवल खतरनाक स्तर पर
    पटना के कई इलाकों में AQI लेवल खतरनाक स्तर पर

    HighLights

    1. इस वर्ष अब तक राजधानी में 36 दिन वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही
    2. राजधानी में इस वर्ष 36 दिन वायु प्रदूषण की स्थिति रही बेहद खराब
    3. दो दिन तो राजधानी की स्थिति काफी गंभीर दर्ज की गई

    नीरज कुमार, पटना। मौसम के करवट बदलने के साथ ही राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति काफी गंभीर हो गई है। इस वर्ष अब तक राजधानी में 36 दिन वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद खराब रही। दो दिन तो राजधानी की स्थिति काफी गंभीर दर्ज की गई। शहर में 81 दिन प्रदूषण की मात्रा खराब रिकार्ड की गई। 109 दिन राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति मध्यम रही एवं 76 दिन इसे संतोषजनक रिकार्ड किया गया। इस वर्ष अब तक मात्र दस दिन ही राजधानी में वायु प्रदूषण की स्थिति अच्छी रही है।

    सात वर्षों में 2018 में सबसे ज्यादा दिन खराब रही स्थिति

    वर्ष-ज्यादा प्रदूषित दिन

    2017 -85 दिन प्रदूषण

    2018-108 दिन प्रदूषण

    2019 -57 दिन प्रदूषण

    2020 -31 दिन प्रदूषण

    2021 -32 दिन प्रदूषण

    2022 -102 दिन प्रदूषण

    2020 में 48 एवं 2021 में 14 दिन स्वच्छ रहा राजधानी का वातावरण

    पिछले सात वर्षों में कोरोना के दौर में राजधानी का वातावरण काफी साफ रहा। खासकर 2020 में राजधानी का वातावरण 48 दिनों तक साफ रहा। वहीं 2021 में 14 दिनों तक वातावरण की स्थिति काफी बेहतर रही। वहीं 2022 में मात्र चार दिन ही वातावरण स्वच्छ रहा। वहीं 2017 एवं 2018 में मात्र दो-दो दिन वातावरण स्वच्छ रहा।

    नमी, धूलकण एवं धुआं से वायु प्रदूषण की स्थिति हो रही खराब

    बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डा.डीके शुक्ला का कहना है कि आजकल वातावरण में नमी काफी बढ़ गई है। इसके साथ ही हवा की गति काफी धीमी है। वातावरण में तैर रहे धूलकण नमी के कारण धरती से अधिक ऊंचाई तक फैल नहीं पा रहे हैं, जिससे धरती के समीप ही नमी एवं धूलकण की एक लेयर बन रही है। उससे वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इस तरह की स्थिति जाड़े भर रह सकती है। उसके बाद मौसम में बदलाव होने पर प्रदूषण की स्थिति में भी सुधार होगा।

    मानव जनित प्रदूषण पर रोक की तैयारी

    प्रदूषण बोर्ड की ओर से मानव जनित प्रदूषण पर रोक के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुराने भवनों को तोड़ने एवं नये भवनों के निर्माण के लिए मानक तय कर दिए गए हैं। उसके तहत निर्माण एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्हें समय-समय पर पानी का छिड़काव करना है। ग्रीन चादर के अंदर ही निर्माण करना है। मानकों को पालन न करने वाली एजेंसी पर जुर्माना लगना भी शुरू हो गया है।

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    वायु प्रदूषण का मानक (एक्यूआइ)

    0- 50 : अच्छा

    51-100 : संतोषजनक

    101-200 : मध्यम

    201-300 : खराब

    301- 400 : बहुत खराब

    400 से अधिक : गंभीर

    राजधानी में गांधी मैदान इलाका सबसे ज्यादा प्रदू​षित

    क्षेत्र- एक्यूआइ

    गांधी मैदान -432

    चिड़ियाघर -401

    दानापुर -360

    इकोपार्क -347

    तारामंडल -223

    पटना सिटी -173

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