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    जनगणना रिपोर्ट में सिर्फ आंकड़े होंगे, किसी का नाम-पता नहीं; पटना डीएम ने की भागीदारी की अपील

    Updated: Tue, 26 May 2026 02:12 AM (GMT+05:30)

    पटना जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण का कार्य 31 मई तक पूरा किया जाना है, जिसकी जिलाधिकारी ने समीक्षा की। उन्होंने आमजन से सही जानकारी देने की अपील क ...और पढ़ें

    जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम। फाइल फोटो

    जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम। फाइल फोटो

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    जागरण संवाददाता, पटना। जनगणना 2027 के प्रथम चरण में जिले में मकान सूचीकरण एवं आवासों की गणना (एचएलओ) का कार्य 31 मई तक किया जाना है। अब इसमें पांच दिन शेष है। इसे देखते हुए सोमवार को प्रधान जनगणना पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने जनगणना कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।

    उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आम जन से अपील की कि वे प्रगणकों को सही जानकारी उपलब्ध कराएं और सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जनगणना के तहत जुटाई जा रही जानकारियों को पूर्णतय: गोपनीय रखा जाएगा।

    किसी के आंकड़े नहीं होंगे सार्वजनिक

    जनगणना रिपोर्ट में केवल समग्र आंकड़े प्रकाशित किए जाएंगे, किसी भी व्यक्ति का नाम-पता सार्वजनिक नहीं होगा। नागरिकों से प्राप्त जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है। डेटा को सुरक्षित सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित किया जा रहा है।

    जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी सूचनाओं की गोपनीयता की गारंटी दी गई है। एकत्र आंकड़ों का उपयोग टैक्स, पुलिस या किसी जांच एजेंसी द्वारा नहीं किया जा सकता।

    इसका उद्देश्य केवल विकास योजनाओं के लिए सही जनसंख्या संबंधी आंकड़े तैयार करना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बिना किसी भय या संकोच के सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

    सरकार को नीतियां बनाने में करेंगे मदद

    डीएम ने कहा कि जनगणना देश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके आंकड़े सरकार की योजनाओं और नीतियों के निर्माण का आधार बनते हैं।

    उन्होंने कहा कि यह पहली ऐसी जनगणना है जिसमें डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रगणक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए स्मार्टफोन पर ही आंकड़ों का संग्रह कर रहे हैं।

    उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों एवं वरीय नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया। संदेह या धोखाधड़ी की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।

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