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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bhagalpur DM: भागलपुर के डीएम नवल किशोर पर गिरेगी गाज? नीतीश सरकार के सामने इंजीनियरों ने रखी डिमांड

    Updated: Wed, 18 Jun 2025 07:20 PM (GMT+05:30)

    इंडेफ और बिहार अभियंत्रण सेवा संघ ने भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अभि ...और पढ़ें

    अभियंताओं ने भागलपुर डीएम को हटाकर विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की
    अभियंताओं ने भागलपुर डीएम को हटाकर विधि सम्मत कार्रवाई की मांग की

    HighLights

    1. डीएम पर दुर्व्यवहार का आरोप
    2. अभियंता संघ ने जताया विरोध
    3. जांच और कार्रवाई की मांग

    जागरण संवाददाता, पटना। भागलपुर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी को हटाने एवं विधिसम्मत कार्रवाई की मांग इंडेफ (पूर्वी प्रक्षेत्र) के सेक्रेटरी जनरल अंजनी कुमार ने की है। कहा है कि भागलपुर के जिलाधिकारी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालक अभियंता के साथ अमर्यादित व्यवहार, मारपीट की धमकी देने तथा हिरासत में लिए जाने की घटना ने साबित कर दिया है कि प्रशासन बेखैफ और बेलगाम हो गई है।

    बिहार अभियंत्रण सेवा संघ ने भी भागलपुर की घटना का विरोध किया गया है तथा जिलाधिकारी भागलपुर के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सरकार से अनुरोध किया गया है।

    अभियंताओं ने आरोप लगाया है कि राज्य में तकनीकी कार्य में प्रशासनिक हस्तक्षेप की वजह से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। जिस राज्य में मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री खुद अभियंता हों, उस राज्य में अभियंता को प्रशासन के हाथों प्रताड़ित होना पड़े यह काफी चिंतनीय है।

    आरोप लगाया है कि भागलपुर की घटना के संबंध में ऐसा प्रतीत होता है कि जिलाधिकारी एवं विभागीय उच्च प्रशासनिक पदाधिकारीयों की मिलीभगत से एनएच 133ई के लिए भू-अर्जन से संबंधित मामले में वितीय अनियमिता एवं अराजकता पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है।

    बिहार सरकार से संघ मांग करती है कि भागलपुर मामले की गहन जांच कराई जाए तथा संलिप्त भागलपुर के जिलाधिकारी एवं मामले में उदासीनता एवं लापरवाही वरतने वाले उच्च पदस्थ प्रशासनिक पदाधिकारियों का अविलम्ब स्थानांतरित करते हुए उचित कार्रवाई की जाए।

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    इंडेफ की हमेशा से मांग रही हैं कि तकनीकी विभाग का संचालन पूर्णतः तकनीकी हाथों में ही होना चाहिए। इसी क्रम में देश एवं हरेक राज्य स्तर पर तकनीकी आयोग के गठन की भी मांग उठाई जाती रही है।