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    पटना सिविल कोर्ट को 4 दिन में 3 बार मिली बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल के IP एड्रेस को डिकोड करने में जुटी एजेंसी

    Updated: Sat, 14 Feb 2026 10:11 PM (IST)

    पटना व्यवहार न्यायालय परिसर को 9 से 12 फरवरी के बीच तीन बार बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल मिले। पुलिस ने हर बार जांच की, पर कुछ नहीं मिला। पीरबहोर था ...और पढ़ें

    पटना सिविल कोर्ट को मिली थी बम से उड़ाने की धमकी। (जागरण)

    पटना सिविल कोर्ट को मिली थी बम से उड़ाने की धमकी। (जागरण)

    HighLights

    1. पटना सिविल कोर्ट को बार-बार बम धमकी वाले ईमेल मिले।

    2. पुलिस आईपी एड्रेस डिकोड करने में लगातार जुटी हुई है।

    3. विदेशी सर्वर या डार्कवेब के उपयोग से जांच में बाधा।

    जागरण संवाददाता, पटना। 9 से 12 फरवरी के बीच तीन बार व्यवहार न्यायालय परिसर में बम रखे जाने का इमेल भेजा गया। हर बार पुलिस कोर्ट परिसर की जांच की और कोई संदिग्ध वस्तु प्राप्त नहीं हुआ।

    तीनों मामलों में पीरबहोर थाने में केस भी हुआ, लेकिन छह दिनों बाद भी यह पुलिस इस स्थिति में नहीं हैं कि बता सके कि धमकी भरा ईमेल कहां से भेजा गया था और इसके कौन है?

    आईपी एड्रेस डिकोड करने में जुटी पुलिस

    पुलिस और जांच एजेंसी की जांच अभी ईमेल की उत्पत्ति, आईपी एड्रेस और इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों की जांच में ही उलझी है। आईपी एड्रेस को डिकोड करने का प्रयास किया जा रहा है।

    इसके भी पूर्व धमकी भरा ईमेल प्राप्त होने के मामले में पीरबहोर थाने में वर्ष 2025 में 25 अप्रैल, 29 अगस्त और 16 अक्टूबर में प्राथमिकी की गई थी।

    इन तीनों मामलों में भी हर बार यही कहते रही कि तकनीकी अनुसंधान किया जा रहा है, लेकिन पुलिस किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।

    इस वर्ष फिर आठ जनवरी, फिर नौ फरवरी और 11 फरवरी के बाद 12 फरवरी को भी सिविल कोर्ट में बम ब्लास्ट किए जाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इन मामलों की तकनीकी जांच की जा रही है। एक विशेष टीम भी गठित की गई है, जो जांच में सहयोग ले रही है।

    ऐसे सवाल उठ रहा है कि कहीं आरोपितों द्वारा विदेशी सर्वर या डार्कवेब का इस्तेमाल करने के चलते पुलिस वहां तक नहीं पहुंच पा रही है।

    बताया जा रहा है कि ज्यादातर मामलों में ऐसे ईमेल विदेशी सर्वरों और डार्कवेब की मदद से भेजे जाते हैं, जिसके चलते आरोपितों का आईपी एड्रेस ट्रेस करना मुश्किल हो जाता है।

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