पटना में भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने, लाठी-डंडे और पत्थर चले; 50 मिनट तक रणक्षेत्र बना सदाकत आश्रम
पटना के सदाकत आश्रम स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पर बुधवार को कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई। भाजपा के प्रदर्शन के दौरान दोनों ...और पढ़ें
HighLights
पटना में कांग्रेस-भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प।
सदाकत आश्रम कार्यालय पर हुआ हिंसक प्रदर्शन।
दोनों ओर से लाठी-डंडे और पथराव हुआ।
जागरण संवाददाता, पटना। भाजपा नेताओं के कांग्रेस कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान बुधवार को दोनों दलों के कार्यकर्ता और नेता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और पथराव शुरू हो गया।
करीब 50 मिनट तक सदाकत आश्रम और आसपास का इलाका रणक्षेत्र बना रहा। इस दौरान दोनों पक्षों के करीब दो दर्जन कार्यकर्ताओं और नेताओं के घायल होने की सूचना है। कई वाहन भी हंगामे की चपेट में आ गए।
प्रदर्शन से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर डटे थे
भाजपा प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में कार्यकर्ता दोपहर करीब दो बजे प्रदर्शन के लिए पहुंचे।
प्रदर्शन की जानकारी कांग्रेस नेताओं को पहले ही मिल गई थी। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे लगे लाठी-डंडे लेकर सदाकत आश्रम में जुट गए।
भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचते ही दोनों पक्षों के बीच पहले धक्का-मुक्की हुई। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया और दोनों ओर से लाठियां चलने लगीं।
45 मिनट तक चलता रहा पथराव, सड़क पर मची अफरातफरी
मारपीट के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर पत्थर फेंके जाने लगे। करीब 45 मिनट तक पथराव होता रहा।
लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान करीब दो दर्जन लोगों के चोटिल होने की बात सामने आई है। घायलों का निजी अस्पतालों में उपचार कराया गया।
हंगामे के कारण दानापुर-गांधी मैदान मुख्य सड़क पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। आसपास के इलाके में अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
ASP के पहुंचने के बाद शांत हुआ मामला, नेताओं ने की अपील
दोपहर करीब तीन बजे एएसपी ला एंड आर्डर कोमल मीणा मौके पर पहुंचीं। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, शाहनवाज आलम और भाजपा के प्रदेश नेताओं को आमने-सामने बुलाकर कार्यकर्ताओं को शांत कराने की अपील की।
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के नेताओं ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं से पथराव और हंगामा बंद करने को कहा। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। हालांकि, घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती जारी रही।